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ईसीबी में “वूल वेस्टवॉटर टू वेल्थ” कार्यशाला का आयोजन

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी

 

 पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख ऊन उद्योग से निकलने वाले अपशिष्ट जल को पर्यावरणीय चुनौती के बजाय उपयोगी संसाधन में बदलने की दिशा में अभियांत्रिकी महाविद्यालय (ईसीबी), बीकानेर ने महत्वपूर्ण पहल की है। विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर ईसीबी की जेडएलडी लैब में “जेडएलडी लैब – वूल वेस्टवॉटर टू वेल्थ” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ऊन उद्योग के अपशिष्ट जल के उपचार तथा जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) तकनीक के माध्यम से वेस्ट टू वेल्थ की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम का आयोजन जीसीईएएससी (ग्रीन केमिस्ट्री एंड एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी सेल) की ओर से किया गया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रवीण राजपुरोहित रहे, जबकि संचालन श्री रवि शंकर भोभिया ने किया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि ऊन प्रसंस्करण के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट जल का उचित उपचार नहीं होने पर जल एवं पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में जेडएलडी तकनीक के माध्यम से अपशिष्ट जल को उपचारित कर जल के पुन: उपयोग और अपशिष्ट से उपयोगी संसाधन प्राप्त करने की दिशा में काम किया जा सकता है। बीकानेर जैसे ऊन उद्योग से जुड़े क्षेत्र के लिए इस तकनीक का स्थानीय स्तर पर विशेष महत्व बताया गया।

ईसीबी के प्राचार्य डॉ. संजीव जैन ने कहा कि पर्यावरण स्वास्थ्य केवल प्रदूषण नियंत्रण का विषय नहीं, बल्कि सतत विकास से जुड़ा व्यापक मुद्दा है। उन्होंने कहा कि संस्थान में किए जा रहे ऐसे तकनीकी एवं शोधपरक प्रयास विद्यार्थियों को वास्तविक पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कुलसचिव श्री अमित सोनी ने जेडएलडी लैब की पहल की सराहना करते हुए कहा कि पश्चिमी राजस्थान के ऊन उद्योग में अपशिष्ट जल प्रबंधन की दिशा में यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने उद्योग और तकनीकी संस्थानों के बीच ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में ईसीबी एवं बीटीयू के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, औद्योगिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा जल के पुनर्चक्रण को लेकर जागरूकता पर भी चर्चा हुई। अंत में प्रतिभागियों ने पर्यावरण स्वास्थ्य की रक्षा और सतत विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

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