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सभापति चुनाव से पहले खैरथल में सियासी घमासान, व्यापारियों का बंद
भाजपा-कांग्रेस में सीधी टक्कर के बीच पार्षदों को लेकर जोड़-तोड़ तेज, अपहरण के मामलों और दबावपूर्ण कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने बाजार बंद रखा

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा
खैरथल। नगर परिषद के सभापति चुनाव से पहले खैरथल की राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई है। 45 वार्डों के पार्षद चुनाव के बाद अब सभापति की कुर्सी को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। 9 सितंबर को हुए पार्षद चुनाव के परिणाम 14 सितंबर को आए थे। इनमें कांग्रेस के 20, निर्दलीय 17 और भाजपा के 8 पार्षद निर्वाचित हुए थे। इसके बाद भाजपा ने कुछ पार्षदों के साथ विक्रम सिंह चौधरी के दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के समक्ष भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें सभापति पद का प्रत्याशी बनाया है।
वहीं, कांग्रेस ने वार्ड 37 से चुनाव हारने वाले ओमप्रकाश रोघा को हाइब्रिड फार्मूले के तहत सभापति पद के लिए प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में अब सभापति पद का मुकाबला सीधे भाजपा के विक्रम सिंह चौधरी और कांग्रेस के ओमप्रकाश रोघा के बीच है। सभापति का चुनाव 21 सितंबर को होना है। चुनाव से पहले दोनों खेमों में पार्षदों को अपने पक्ष में साधने की कवायद तेज हो गई है।
पार्षदों के अपहरण के मामले से बढ़ा विवाद
सभापति चुनाव के बीच कुछ पार्षदों के कथित अपहरण को लेकर खैरथल थाने में मामले दर्ज होने से राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। इन मामलों में कुछ व्यापारियों पर भी आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। व्यापारियों का आरोप है कि चुनाव के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से दबावपूर्ण कार्रवाई की जा रही है।
व्यापारियों के बंद से बाजारों पर असर
इसी के विरोध में व्यापारियों के आह्वान पर शनिवार को खैरथल में बंद रखा गया। अनाज मंडी, सब्जी मंडी, किरणा यूनियन, कन्फेक्शनरी, रेडीमेड गारमेंट्स, बर्तन यूनियन, चूड़ी मार्केट, तिरंगा मार्केट और 40 फुटा रोड स्थित बाजार सहित कई प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। व्यापारियों ने एकजुट होकर कार्रवाई का विरोध जताया।
व्यापारियों का कहना है कि वे किसी भी प्रकार की दबावपूर्ण नीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान व्यापारियों को निशाना बनाए जाने से बाजार में असंतोष का माहौल है।
अनाज मंडी में मॉक ड्रिल को लेकर भी सवाल
शुक्रवार को खैरथल अनाज मंडी परिसर में हुई मॉक ड्रिल को लेकर भी व्यापारियों और किसानों ने सवाल उठाए। व्यापारियों का कहना है कि चुनाव के समय ही मंडी परिसर में मॉक ड्रिल क्यों की गई, इससे व्यापारियों और किसानों में अनावश्यक भय का माहौल बना। शनिवार को बंद के दौरान अनाज मंडी परिसर में पुलिस की गाड़ी गश्त करती दिखाई दी।
अब सभी की नजरें 21 सितंबर को होने वाले सभापति चुनाव पर टिकी हैं। पार्षदों के बीच चल रही राजनीतिक गतिविधियों और व्यापारियों के विरोध के बीच आने वाले दिनों में खैरथल की सियासत और गर्माने के आसार हैं।

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