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एनआरसीसी में राजभाषा कार्यशाला आयोजित

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी

 

बीकानेर, 18 सितम्बर 2026 । भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी), बीकानेर में रिफार्म उत्‍सव के रूप में मनाए जा रहे ‘हिन्दी पखवाड़ा’ (10 सितम्बर से 23 सितम्बर 2026) के अंतर्गत आज ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में हिन्दी : अवसर और चुनौतियाँ’ विषय पर राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया।

मुख्‍य वक्‍ता के रूप में डॉ. उमाकान्त गुप्त, पूर्व प्राचार्य, एम.एस.कॉलेज, बीकानेर ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का दौर असीम संभावनाओं और नए अवसरों से भरा हुआ है। एआई हमारे लिए एक सशक्त सहयोगी और साधक के रूप में कार्य करती है। यह भाषा के क्षेत्र में एकाधिकार को समाप्त कर विभिन्न भाषाओं को जोड़ने तथा त्वरित अनुवाद की उत्कृष्ट सुविधा प्रदान करती है। डॉ. गुप्‍त ने कहा कि हिन्दी पत्र-लेखन से लेकर विचारों को वैश्विक स्तर पर क्षण भर में पहुँचाने में एआई एक अत्यंत उपयोगी माध्यम है। इससे समय की बचत होती है और सामग्री सुव्यवस्थित रूप में प्राप्त होती है। यद्यपि इसमें मौलिकता और विवेक का समावेश हमें स्वयं करना होगा, फिर भी एआई के लाभों को अपनाते हुए तथा इसकी चुनौतियों का समझदारी से सामना करते हुए हमें निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।

केन्‍द्र निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने अपने अध्‍यक्षीय उद्बोधन में कहा कि तकनीक या किसी भी नई सुविधा का उपयोग और दुरुपयोग उसे प्रयोग करने वाले व्यक्ति के विवेक पर निर्भर करता है। हमें तकनीक से घबराने के बजाय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे आधुनिक माध्यमों को अपनाकर अपने दैनिक एवं प्रशासनिक कार्यों में नवीनता और गुणवत्ता लानी चाहिए। तकनीक चाहे कितनी भी उन्नत क्यों न हो, कार्य में मौलिकता और शुद्धता के प्रति स्वयं का आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है। जब हम स्वयं पूर्ण निष्ठा और विश्वास के साथ कार्य करेंगे, तभी तकनीक हमारे लिए एक प्रभावी और उपयोगी साधन सिद्ध हो सकेगी।

नोडल अधिकारी (राजभाषा) एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राकेश रंजन ने कार्यशाला के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य केंद्र में राजभाषा के अधिकाधिक प्रयोग हेतु अनुकूल वातावरण तैयार करना एवं जिज्ञासाओं का समाधान करना है। तकनीकी अधिकारी डॉ. राकेश कुमार पूनिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की एवं तकनीकी सहायक श्री रणवीर सिंह ने धन्‍यवाद प्रस्‍ताव ज्ञापित किया। संचालन श्री नेमीचंद बारासा, मुख्‍य तकनीकी अधिकारी ने किया। इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी एवं यंग प्रोफेशनल उपस्थित रहे।

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

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