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पुंछ में GMC और मजबूत चिकित्सा ढांचे की मांग, एडवोकेट भानु प्रताप ने नेता प्रतिपक्ष को सौंपा ज्ञापन

संवाददाता अमरजीत सिंह, पुंछ
पुंछ, जम्मू-कश्मीर। सीमावर्ती जिला पुंछ में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग को लेकर एडवोकेट भानु प्रताप ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री सुनील शर्मा को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सीमा क्षेत्र की भौगोलिक एवं सामरिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकारी चिकित्सा ढांचे को तत्काल सुदृढ़ करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा क्षेत्र में उत्पन्न आपात परिस्थितियों और गोलाबारी के बीच बड़ी संख्या में नागरिकों के घायल होने से जिले की चिकित्सा तैयारियों में मौजूद गंभीर कमियां सामने आईं। इस दौरान जिला अस्पताल पुंछ के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य चिकित्सा कर्मियों द्वारा कठिन परिस्थितियों में मरीजों की जान बचाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की गई। साथ ही कहा गया कि एलओसी से लगे इस संवेदनशील जिले के लिए मौजूदा स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा पर्याप्त नहीं है।
एडवोकेट भानु प्रताप की प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गईं—
पुंछ में सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) की स्थापना के साथ टर्शियरी केयर अस्पताल बनाया जाए।
जिले में पूरी तरह कार्यशील 24×7 ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जाए।
जिला अस्पताल पुंछ में वर्तमान दो ऑपरेशन थिएटरों की क्षमता का तत्काल विस्तार किया जाए।
जिला अस्पताल में अलग इमरजेंसी/ट्रॉमा ऑपरेशन थिएटर स्थापित किया जाए।
रणनीतिक रूप से चिन्हित सीमावर्ती बंकर क्षेत्रों में सुरक्षित आपातकालीन चिकित्सा इकाइयां और ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएं।
पुंछ जिले में पर्याप्त संख्या में एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएं।
संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बुलेट-रेसिस्टेंट/संरक्षित एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए।
गंभीर एवं समय-संवेदी मरीजों के लिए पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए हेलीकॉप्टर/एयर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाए।
चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार मरीजों को सीधे जम्मू या श्रीनगर रेफर करने की अनुमति दी जाए, ताकि केवल GMC राजौरी के माध्यम से रेफरल की बाध्यता न रहे।
नेत्र रोग विशेषज्ञ, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, त्वचा रोग विशेषज्ञ, कार्डियोलॉजिस्ट सहित सभी रिक्त विशेषज्ञ पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। जब तक स्थायी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होते, तब तक विजिटिंग विशेषज्ञों और टेलीमेडिसिन सेवाओं की व्यवस्था की जाए।
एडवोकेट भानु प्रताप ने कहा कि पुंछ जैसे सीमावर्ती जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य जिलों की आवश्यकताओं के आधार पर नहीं देखा जा सकता। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उन्नत चिकित्सा सुविधा मिलना जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकता है।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष श्री सुनील शर्मा से आग्रह किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पुंछ का कोई भी व्यक्ति केवल इसलिए जीवन बचाने वाली चिकित्सा सुविधा से वंचित न हो, क्योंकि उन्नत उपचार उसके क्षेत्र से बहुत दूर उपलब्ध है।
ज्ञापन पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री सुनील शर्मा ने आश्वासन दिया कि पुंछ की इन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में उठाया जाएगा और संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे।
प्रमुख बिंदु
पुंछ में GMC की मांग | 24×7 ट्रॉमा सेंटर | विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पद भरने की मांग | ALS व संरक्षित एंबुलेंस | एयर एंबुलेंस सेवा | जम्मू-श्रीनगर रेफरल की सुविधा

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