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बस्ती में 25 नवंबर तक धारा-163 लागू, सार्वजनिक स्थलों पर 5 से अधिक लोगों के जुटने पर रोक

बस्ती से वेदान्त सिंह
बस्ती, 01 सितंबर 2026। जनपद में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट ज्ञानचन्द्र गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश 25 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक एवं राष्ट्रीय पर्व, त्योहार, परीक्षाएं, संभावित धरना-प्रदर्शन, हड़ताल और जुलूस आदि प्रस्तावित हैं। इन आयोजनों के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह आदेश लागू किया गया है।
इन प्रमुख त्योहारों के दौरान लागू रहेगा आदेश
प्रशासन के अनुसार सितंबर से नवंबर के बीच जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा, अनंत चतुर्दशी, महात्मा गांधी जयंती, महाराजा अग्रसेन जयंती, दशहरा, महर्षि वाल्मीकि जयंती, सरदार वल्लभभाई पटेल एवं आचार्य नरेंद्रदेव जयंती, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज/चित्रगुप्त जयंती, छठ पूजा तथा गुरु नानक जयंती/कार्तिक पूर्णिमा जैसे पर्व हैं।
इसके अलावा विभिन्न राष्ट्रीय एवं स्थानीय त्योहारों, परीक्षाओं, संभावित धरना-प्रदर्शन, हड़ताल और जुलूस को देखते हुए भी प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक व्यवस्था लागू की है।
सार्वजनिक स्थानों पर 5 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक
आदेश के तहत किसी भी सार्वजनिक स्थल पर पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का समूह एकत्रित नहीं हो सकेगा। किसी भी सभा के आयोजन से पहले संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट अथवा जिला मजिस्ट्रेट से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध
आदेश में प्रतिबंधित एवं अवैध अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर रोक लगाई गई है। आग्नेयास्त्र, बंदूक, पिस्टल, राइफल, रिवॉल्वर, तलवार, कटार, गुप्ती, चाकू, लाठी, स्टिक, भाला, बरछा, फरसा, गड़ासा तथा विस्फोटक पदार्थ आदि लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा। किसी व्यक्ति को ऐसे कार्य के लिए उकसाना या प्रोत्साहित करना भी प्रतिबंधित है।
प्रशासन ने लाइसेंसी शस्त्र धारकों द्वारा खुलेआम हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध लगाया है।
परीक्षा केंद्रों पर भी विशेष प्रतिबंध
परीक्षा केंद्रों के आसपास 100 मीटर की परिधि और उसके बाहर भी धारा 163 का आदेश प्रभावी रहेगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र परिसर के अंदर सेलुलर फोन, पेजर, कैलकुलेटर, पेन स्कैनर अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
डीजे और लाउडस्पीकर के लिए नियमों का पालन जरूरी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कार्यक्रम में डीजे, लाउडस्पीकर अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही किया जाएगा। धार्मिक, सामाजिक या अन्य आयोजनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग के लिए पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।
धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम पर रोक
आदेश के तहत राजनीतिक दलों, धार्मिक संगठनों, सरकारी सेवकों तथा मान्यता प्राप्त संघों/महासंघों/परिसंघों द्वारा ऐसे धरना, सांकेतिक प्रदर्शन या हड़ताल पर रोक रहेगी, जिससे किसी जाति या धर्म विशेष की भावनाएं आहत हों अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।
कलेक्ट्रेट परिसर या उसके आसपास धरना-प्रदर्शन, घेराव, चक्का जाम अथवा हड़ताल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
किन लोगों पर लागू नहीं होगा आदेश?
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों, सिख समुदाय के धार्मिक हथियार के रूप में कृपाण धारण करने वाले व्यक्तियों तथा बुजुर्ग और दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा छड़ी/लाठी के सहारे चलने पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
इसी प्रकार शव यात्रा और वैवाहिक कार्यक्रमों में शामिल लोगों पर भी यह आदेश लागू नहीं होगा। हालांकि, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा।
प्रशासन ने लोगों से प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करने और जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। आदेश का उल्लंघन दंडनीय अपराध होगा।
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