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जैसलमेर में POCSO केस दर्ज कराने वाले पिता की संदिग्ध सड़क हादसे में मौत, परिजनों ने हत्या की आशंका जताई

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
जैसलमेर, 22 अगस्त 2026। जैसलमेर जिले में नाबालिग बच्ची से कथित यौन शोषण के मामले में POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने वाले पिता की संदिग्ध सड़क हादसे में मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने इस घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे कथित साजिश के तहत की गई हत्या बताया है। परिवार ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, खामिया, तहसील सम निवासी शंभूराम की 12 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ कथित तौर पर शारीरिक प्रताड़ना और दुष्कर्म का मामला सामने आया था। आरोप है कि इस मामले में मुख्यमंत्री पुनर्वास केंद्र से जुड़े कार्तिक साटीया के खिलाफ शिकायत की गई थी। शिकायत के आधार पर महिला थाना जैसलमेर में POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
धमकी के बाद हादसे में मौत का आरोप
परिवार का आरोप है कि POCSO का मामला दर्ज होने के बाद उन्हें जान से मारने और वाहन से कुचलने की धमकियां दी गई थीं। परिजनों के मुताबिक, इसके अगले ही दिन, 8 अगस्त 2026 को शंभूराम मोटरसाइकिल से डेली तलाई की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बज्जू के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में शंभूराम की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों का दावा है कि धमकी और उसके बाद हुई मौत के बीच की परिस्थितियां संदेह पैदा करती हैं। उन्होंने पुलिस से हादसे की गहन जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि दुर्घटना वास्तव में सड़क हादसा थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी।
परिजनों ने उठाए कई गंभीर सवाल
ज्ञापन में परिवार ने मामले में मुख्य आरोपी के अलावा संभावित सह-आरोपियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। साथ ही आरोपी की पत्नी तथा घटना के समय आसपास मौजूद बताए जा रहे वाहनों के चालकों की भूमिका की जांच करने की मांग की गई है।
परिवार ने संबंधित लोगों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है, ताकि घटना से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
पुनर्वास केंद्र की व्यवस्था पर भी सवाल
परिजनों ने मुख्यमंत्री पुनर्वास केंद्र और समग्र विकास संस्था के संचालन तथा वहां रह रहे बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने संबंधित संस्थाओं की भूमिका की जांच कराने और यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
पीड़ित परिवार ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक (DGP), संभागीय आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को भी इसकी प्रतियां भेजी हैं। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच, संदिग्ध लोगों से पूछताछ, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच तथा परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
फिलहाल, परिजनों की ओर से लगाए गए हत्या के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शंभूराम की मौत सड़क दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी। पुलिस जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

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