बालोतराब्रेकिंग न्यूज़राजस्थान
उत्तराधिकार अपरिग्रह में सहायक’ विषय पर जैन रत्न प्रोफेशनल फोरम का वेबीनार आयोजित
विशेषज्ञों ने उत्तराधिकार नियोजन, वसीयत और अपरिग्रह के महत्व पर रखे विचार

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
अखिल भारतीय श्री जैन रत्न प्रोफेशनल फोरम द्वारा “उत्तराधिकार अपरिग्रह में सहायक” विषय पर एक सारगर्भित वेबीनार का आयोजन किया गया। वेबीनार में देशभर से जुड़े प्रोफेशनल सदस्यों ने भाग लिया और उत्तराधिकार नियोजन, वसीयत तथा अपरिग्रह के सिद्धांत पर विशेषज्ञों के विचार सुने।
मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष सीए मनीष मेहता ने कहा कि उत्तराधिकार नियोजन केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि जीवन में अपरिग्रह के सिद्धांत को अपनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति समय रहते उत्तराधिकार की योजना बनाता है, वही अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करता है। उन्होंने कहा कि सच्चा दान वही है, जो व्यक्ति अपने जीवनकाल में अपनी संपत्ति, ज्ञान और प्रेम को सुव्यवस्थित ढंग से अगली पीढ़ी तक पहुंचाकर करता है। उन्होंने वसीयत के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि इससे परिवार में भविष्य में उत्पन्न होने वाले विवादों से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अखिल भारतीय श्री जैन रत्न प्रोफेशनल फोरम के राष्ट्रीय संयोजक सीए ओमप्रकाश बांठिया ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि प्रोफेशनल फोरम से जुड़ने पर व्यक्ति का व्यक्तिगत विकास होने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के विकास में भी सार्थक योगदान देने का अवसर मिलता है। उन्होंने अधिक से अधिक प्रोफेशनल्स से फोरम से जुड़ने का आह्वान किया।
अखिल भारतीय श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद चोपड़ा ने कहा कि रत्न संघ की सोच है कि प्रोफेशनल वर्ग समाज और परिवार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य से प्रोफेशनल फोरम का गठन किया गया है, ताकि धर्म, समाज और राष्ट्र के उत्थान में उनकी विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग हो सके।
कार्यक्रम की शुरुआत सचिव सीए मनीष जैन ने मंगलाचरण से की तथा अंत में सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार भंडारी ने किया।
वेबीनार के दौरान सह सचिव सीए आशीष जैन सहित कई प्रतिभागियों ने अपनी जिज्ञासाएं और विचार साझा किए, जिनका समाधान विशेषज्ञ सीए मनीष मेहता ने विस्तारपूर्वक किया।
अंत में सचिव मनीष जैन ने बताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के ज्ञानवर्धक वेबीनार और गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे प्रोफेशनल सदस्यों के ज्ञान में वृद्धि हो तथा वे समाज, संघ और राष्ट्र के विकास में अधिक प्रभावी योगदान दे सकें।

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