बालोतराब्रेकिंग न्यूज़राजस्थान
अहंकार नहीं, संस्कार अपनाएं; अभिमानी नहीं, स्वाभिमानी बनें: अणुव्रत समिति जसोल का जनजागरण अभियान

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
जसोल, 3 जुलाई। अणुव्रत योगक्षेम वर्ष के अंतर्गत “अहंकार नहीं, संस्कार अपनाएंगे! अभिमानी नहीं, स्वाभिमानी बनेंगे!” के प्रेरक संदेश के साथ अणुव्रत समिति जसोल ने समाज में नैतिक मूल्यों और नशामुक्ति का संदेश देने के उद्देश्य से सम्मान एवं जनजागरण अभियान चलाया।
इसी क्रम में समिति के पदाधिकारियों ने वरिष्ठ साहित्यकार एवं मरुक्षेत्र के प्रधान संपादक तथा राजस्थानी साहित्य परिषद के अध्यक्ष श्री लालचंद पुनीत का उनके निवास पर पहुंचकर अणुव्रत कैलेंडर, अणुव्रत साहित्य और अणुव्रत दुपट्टा भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुखीदेवी का भी सम्मान किया गया तथा दोनों के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की गई।
इस दौरान समिति के अध्यक्ष महावीरचंद सालेचा, निवर्तमान अध्यक्ष पारसमल गोलेछा और मंत्री सफरूखान सहित अन्य पदाधिकारियों ने परिवार के सदस्यों को भी नशा न करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने का संकल्प दिलाया।
इसके बाद समिति के प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र के वरिष्ठ ज्योतिषी एवं त्रिकाल पत्रिका के संपादक श्री पृथ्वीराज द्विवेदी के कार्यालय पहुंचकर उनका भी अणुव्रत कैलेंडर, साहित्य एवं अणुव्रत दुपट्टा भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर युवा योगेश कुमार को नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया गया तथा कार्यालय में अणुव्रत कैलेंडर लगाने का आग्रह किया गया।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि अणुव्रत आंदोलन का उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों, सदाचार, संयम और नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसी उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों के समाजसेवियों, साहित्यकारों, अधिकारियों, पत्रकारों एवं प्रबुद्ध नागरिकों का सम्मान कर उन्हें अणुव्रत के सिद्धांतों से जोड़ने का अभियान लगातार जारी है।

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