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हर संकट में ढाल बनी फायर ब्रिगेड, पुंछ में छोटे फायर टेंडर और नए भवन की उठी मांग

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार, पुंछ

 

पुंछ, 20 जून। मुख्य बाजार में दो दिन पहले लगी भीषण आग पर फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाकर एक बड़े हादसे को टाल दिया। हालांकि आग बुझाने के अभियान के दौरान बाजार की संकरी गलियों, अव्यवस्थित पार्किंग और दुकानों के बाहर लगे टेंट व अतिक्रमणों ने राहत एवं बचाव कार्य में गंभीर बाधाएं उत्पन्न कीं।

स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि यह विभाग हर संकट की घड़ी में सबसे आगे खड़ा रहता है। चाहे बाजार में आग लगने की घटना हो या सीमा पार से हुई भारी गोलाबारी का दौर, फायर ब्रिगेड के जवानों ने हमेशा अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।

नागरिकों ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर 1.0 के दौरान जब पुंछ पाकिस्तानी गोलाबारी की चपेट में था, तब भी फायर ब्रिगेड के जवान अग्रिम पंक्ति में रहकर विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में जुटे रहे। उनकी बहादुरी और सेवा भावना को लोग आज भी याद करते हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के कर्मचारी 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं, लेकिन पुंछ के संकरे और भीड़भाड़ वाले बाजार उनके कार्यों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। गलत तरीके से खड़े वाहन, संकरी गलियां तथा दुकानों के बाहर रखा सामान और टेंट अक्सर फायर इंजनों की आवाजाही में बाधा बनते हैं, जिससे आपात स्थिति में कीमती समय बर्बाद हो जाता है।

लोगों ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा से मांग की है कि पुंछ जैसे संवेदनशील और घनी आबादी वाले शहर के लिए छोटे एवं आधुनिक फायर टेंडर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में भी राहत एवं बचाव दल आसानी से पहुंच सकें।

स्थानीय नागरिकों ने फायर ब्रिगेड विभाग के बुनियादी ढांचे की कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर 1.0 के दौरान विभाग का भवन अधिग्रहित कर लिया गया था, जिसके बाद से विभाग को कई तरह की प्रशासनिक और संचालन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने उपराज्यपाल से विभाग को नया भवन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

नागरिकों का कहना है कि फायर ब्रिगेड कर्मियों का साहस, समर्पण और सेवा भावना प्रशंसनीय है, लेकिन उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता बन चुका है। साथ ही प्रशासन से बाजार क्षेत्र में गलत पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी अपील की गई है, ताकि भविष्य में किसी भी आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य बाधित न हों।

स्थानीय लोगों ने भावुक शब्दों में कहा कि जब-जब पुंछ संकट में पड़ा, फायर ब्रिगेड ने शहर को बचाने का काम किया है। अब समय आ गया है कि सरकार उनकी जरूरतों को समझे और उन्हें बेहतर सुविधाएं, छोटे फायर टेंडर तथा उचित भवन उपलब्ध कराए, ताकि वे आगे भी जनता की सुरक्षा के लिए प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।

 

Viyasmani Tripaathi

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