ब्रेकिंग न्यूज़राजस्थानरोज़गारशिक्षा

मुख्यमंत्री के पैतृक गांव अटारी में नाबार्ड प्रायोजित दस दिवसीय डेयरी उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ

किशन स्वरूप शर्मा ने किया शुभारंभ

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी

भरतपुर। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ‘नाबार्ड’ द्वारा प्रायोजित एवं श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान द्वारा संचालित दस दिवसीय डेयरी उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ सोमवार को अटारी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पिता किशन स्वरूप शर्मा के कर कमलों द्वारा किया गया।

श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान के सचिव धर्मपाल ने बताया कि एफपीओ के दुग्ध उत्पादक सदस्यों हेतु नाबार्ड समर्थित सर्वार्थ सिद्धि मस्टर्ड एण्ड एग्रो प्रोसेसिंग फार्मर प्रोड्यूसर लिमिटेड सदस्यों के लिए आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के प्रथम बैच में दुग्ध उत्पादक किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से डेयरी पशुपालन,दुग्ध उत्पादन में वृद्धि,दुग्ध उत्पादों में मूल्य संवर्धन :वैल्यू एडिशन,कृत्रिम गर्भाधान एवं नस्ल सुधार,डेयरी उद्यमिता एवं आय में वृद्धि, दुग्ध उत्पादकों हेतु बाज़ार संपर्क: मार्केट लिंकेज के अवसर विषयों पर व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की जा रही है।

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि श्री किशन स्वरूप शर्मा के साथ नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डी.डी.एम) शिवम कुमार अग्रवाल, (एफ .पी.ओ) अध्यक्ष बृजभूषण शर्मा, एस.जी.जे.एस.एस. के सचिव धर्मपाल, एफ..पी.ओ.प्रतिनिधि धर्मेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी दुग्ध उत्पादक एवं स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने डेयरी उद्यमिता को ग्रामीण आय एवं रोजग़ार के एक सतत स्रोत के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि मूल्य संवर्धन एवं गुणवत्ता उन्नयन के माध्यम से किसान अपने दुग्ध उत्पादों के लिए व्यापक बाज़ार पहुँच तथा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्य अतिथि किशन स्वरूप शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि डेयरी विकास ग्रामीण भारत की रीढ़ है। हमारे किसान यदि वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर दुग्ध उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन की ओर अग्रसर होंगे, तो गाँव आत्मनिर्भर बनेंगे और हमारे युवाओं को गाँव में ही सम्मानजनक रोजग़ार प्राप्त होगा। यह प्रशिक्षण किसानों के जीवन में समृद्धि का नया अध्याय जोड़ेगा।

नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक शिवम कुमार अग्रवाल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि नाबार्ड का लक्ष्य कौशल विकास, उद्यमिता संवर्धन एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करना है। डेयरी उद्यमिता एवं मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देकर हम किसानों को उत्पादक से उद्यमी बनने की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं। जिससे उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान के सचिव श्री धर्मपाल ने संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि संस्थान का संकल्प ज्ञान.आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना है। हम चाहते हैं कि प्रशिक्षण से प्राप्त व्यावहारिक ज्ञान को किसान अपने डेयरी व्यवसाय में अपनाकर लाभकारी एवं टिकाऊ उद्यम स्थापित करें। संस्थान आगे भी ग्रामीण समुदायों के सशक्तीकरण हेतु निरंतर कार्य करता रहेगा। यह दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को लाभकारी एवं सतत डेयरी उद्यम स्थापित करने हेतु आवश्यक व्यावहारिक ज्ञान एवं तकनीकी कौशल से सुसज्जित करेगा। जिससे भरतपुर जिले के ग्रामीण आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

Related Articles

Back to top button