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बीकानेर आगार में भ्रष्टाचार के आरोप, बिना ड्यूटी वेतन भुगतान और मिलीभगत की शिकायत

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर। राजस्थान रोडवेज के बीकानेर आगार में भ्रष्टाचार, पक्षपात और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कर्मचारियों के एक समूह ने उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजकर आगार में बिना ड्यूटी वेतन भुगतान, ड्यूटी चार्ट में मनमानी और अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी तरीके से किलोमीटर पूरे कराने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बिना ड्यूटी वेतन देने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि प्रबंध निदेशक स्तर से 3000 किलोमीटर मार्ग संचालन के आदेश लागू हैं, जिसके चलते कई कर्मचारियों को पिछले 6-7 महीनों से वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है। वहीं दूसरी ओर कुछ चहेते कर्मचारियों को बिना ड्यूटी किए ही वेतन देने का आरोप लगाया गया है।
टाइम सेक्शन में मनमानी का आरोप
कर्मचारियों ने परिचालक नरेंद्र शर्मा का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उन्हें सीनियरिटी के आधार पर टाइम सेक्शन में लगाया गया, लेकिन नियमित समय पर ड्यूटी पर नहीं आते। आरोप है कि सुबह 5 बजे से 1 बजे तक की पहली पारी के बजाय वे सुबह करीब 9 बजे पहुंचते हैं और देर रात तक अधिकारियों के साथ बैठकर ड्यूटी चार्ट में हस्तक्षेप करते हैं।
यह भी कहा गया कि अन्य आगारों में शाम 5-6 बजे तक ड्यूटी चार्ट जारी हो जाता है, जबकि बीकानेर आगार में कर्मचारियों को मानसिक रूप से परेशान करते हुए रात 9:30 से 10 बजे के बीच ड्यूटी चार्ट जारी किया जाता है।
फर्जी तरीके से किलोमीटर पूरे कराने का आरोप
शिकायत के अनुसार 13 मार्च को खाजूवाला रूट पर एक अन्य परिचालक से कार्य करवाकर ETM मशीन नरेंद्र शर्मा के नाम से जारी की गई और 250 किलोमीटर उनके खाते में जोड़े गए।
इसी तरह 14 मार्च को नापासर रूट पर भी एक अन्य परिचालक से ड्यूटी करवाकर 500 किलोमीटर नरेंद्र शर्मा के खाते में दर्ज करने का आरोप लगाया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह 3000 किलोमीटर की शर्त को गलत तरीके से पूरा किया गया।
जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने ETM शाखा, कैश शाखा, चालक-परिचालकों, CM, TM और समयपालकों के बयान लेकर सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही 12 मार्च से 15 मार्च तक की ड्यूटी चार्ट और DBR रिपोर्ट की जांच की मांग की गई है।
कर्मचारियों ने दी चेतावनी
कर्मचारियों ने कहा कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह मामला झुंझुनू आगार प्रकरण की तरह बड़ा रूप ले सकता है। उन्होंने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
नोट: यह समाचार कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया आना शेष है।

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