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नमी बताकर एमएसपी से नीचे खरीद ‘घोटाले’ की न्यायिक आयोग से जांच कराने की जोरदार मांग
किसानों का कुशलक्षेम पूछने अनाज मंडी पहुंचे लोक सेवा मंच के पदाधिकारी किसानों ने मंच के पदाधिकारियों से समाधान की आवाज बुलंद करने का जोरदार आग्रह किया समय पर समस्याओं का समाधान न होने से किसान बेहद चिंतित किसानों को राहत,न्याय मिलने तक जनहित में जारी रहेगा मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान : अशोक प्रधान

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा
रेवाड़ी । राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने ‘मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान’ के तहत अनेक गांवों से आए अन्नदाता किसानों से मिलकर कुशलक्षेम पूछा । स्थानीय अनाज मंडी में अपनी रबी फसलों के उत्पादन बेचने आए किसानों ने मंच के पदाधिकारियों को बताया कि वे बड़े ही मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं । अपनी ज्वलंत समस्याओं से अवगत कराते हुए किसानों ने मंच के पदाधिकारियों से समाधान की आवाज बुलंद करने का जोरदार आग्रह किया ।
जनहित में सक्रिय राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच सहित कोर कमेटी के सदस्य महेश कौशिक,बीके राम सिंह आदि से बातचीत करते हुए किसानों ने कहा कि उनकी समस्याओं को जानकर समाधान करने के लिए अभी तक कोई बड़ा अधिकारी मौके पर दिखाई नहीं दिया है । अनेक किसानों ने बताया कि उनकी सरसों व गेहूं में नमी बताकर एमएसपी रेट से नीचे खरीदने को मजबूर किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि उनके रबी उत्पादनों में नमी बताने का यह ‘खेल’ कथित मिलीभगत से अनाज मंडी में खोली हुई प्राइवेट मालिकों की तथाकथित लैब्स की रिपोर्ट की आड लेकर खरीदारी करने आ रहे बड़े प्राइवेट व्यापारियों द्वारा खेला जा रहा है । किसानों ने बताया की प्रदेश सरकार ने सरसों के एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) रेट रुपए 6200 तथा गेहूँ का रुपए 2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किये हैं , मगर कथित नमी बताकर अनेक किसानों की सरसों व गेहूं एमएसपी से भी नीचे खरीदने के गंभीर आरोप हैं तथा एमएसपी तथा खरीदी रेट्स में रुपए 400 प्रति क्विंटल तक का कथित ‘झोल’ मामले की गंभीरता को दर्शाता है । आरोप है कि मंडी में अनेक प्राइवेट लैब्स हैं जिनकी जांच रिपोर्ट्स में भी बहुत अंतर देखा गया और कथित लैब्स में जांच खर्चें के नाम पर धनराशियां किसानों को बिना रसीद दिये नकद लीं गईं । किसानों की मांग है की उनके उत्पादन एमएसपी रेट से नीचे खरीदने की अन्यायपूर्ण कथित घोटालेबाजी पर तुरंत रोक लगाई जाए तथा एमएसपी से नीचे खरीदकर किए भारी घोटाले की व्यापक जनहित में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग से जांच कराई जाए । किसानों का कहना है कि उचित होगा कि अनाज मंडी में निगरानी के लिए विजिलेंस एवं सिविल सोसायटी के ईमानदार लोगों की संयुक्त टीमें भी तुरंत तैनात कीं जाएं । किसानों की मांग है कि मंडी में सरकारी लैब्स खोलनी चाहिए जिनमें निःशुल्क जांच हो सके ।
किसानों को भारी टीस है कि दिनोंदिन बढ़ती महंगाई एवं अधिक कृषि लागत सहित उनकी समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं दिये जाने के करण खेती अब घाटे का सौदा बन गई है ।
किसान छतर सिंह , माया चंद, नरेंद्र कुमार,लक्ष्मी दत्त,सत्यनारायण, मुकेश ,सुनील यादव आदि ने बताया कि मंडी में चाय- पानी एवं सुबह के नाश्ते तक की कोई रियायती व्यवस्था अनाज मंडी प्रशासन की ओर से दिखाई -सुनाई नहीं पड़ी , जिससे उन्हें भयंकर गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच भूखे प्यासे रहकर भी अपनी बोली आने का इंतजार करना पड़ रहा है । किसानों ने बताया कि मंडी में न्यूनतम नि:शुल्क नागरिक सुविधाएं मसलन स्वच्छ मूत्रालय-शौचालय, किसानों-मजदूरों का स्वास्थ्य अचानक खराब होने पर चिकित्सक एवं दवाइयां ,24 घंटे खानपान की व्यवस्था आदि तक का अभाव है ।
सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान ने कहा कि किसानों की समस्याओं का मसौदा तैयार करके देश- प्रदेश के कृषि मंत्रियों,मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को पत्र लिखे जाएंगे । समाधान होने तक जनहित में मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान लगातार जारी रहेगा । उन्होंने कहा कि किसानों की तकलीफों का स्वत: स्फूर्त संज्ञान लेकर व्यापक जनहित में संबंधित अधिकारियों को तुरंत राहत पहुंचानी चाहिए ,।

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