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ग्रामीण स्वच्छता नीति को अंतिम रूप देने की तैयारी, स्रोत पर कचरा अलग करना अनिवार्य: सचिव RDD

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार

 

श्रीनगर, 23 अप्रैल:

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव मोहम्मद एजाज असद ने आज स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण (SBM-G) के तहत तैयार हो रही ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) और फीकल स्लज एंड सेप्टेज मैनेजमेंट (FSSM) नीतियों की समीक्षा की। ये नीतियां अधिसूचना से पहले अंतिम चरण में हैं।

बैठक में ग्रामीण स्वच्छता के महानिदेशक अनु मल्होत्रा, वित्त निदेशक उमर खान, जम्मू-कश्मीर के आरईडब्ल्यू के अधीक्षण अभियंता, उपनिदेशक ग्रामीण स्वच्छता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सचिव ने निर्देश दिया कि नीतियों के मुख्य बिंदुओं को अधिसूचना से पहले और बेहतर बनाया जाए, खासकर प्रवर्तन (Enforcement) और अपील प्रणाली को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि असिस्टेंट कमिश्नर पंचायत (ACP) को अपीलीय प्राधिकारी बनाया जाए, जबकि निदेशालय स्तर पर इसकी निगरानी हो।

उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के अनुरूप नीतियों को ढालने पर जोर देते हुए कहा कि पंचायतों को यूजर चार्ज वसूलने और नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने का अधिकार दिया जाएगा। खासतौर पर स्रोत पर कचरे का अलग-अलग करना (Source Segregation) अनिवार्य किया जाएगा।

“स्रोत पर कचरे का अलगाव प्रभावी कचरा प्रबंधन की नींव है और इसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए,” सचिव ने कहा। उन्होंने सूखा, गीला, सैनिटरी और विशेष कचरे को अलग-अलग करने पर जोर दिया।

सचिव ने जिला स्तर पर निगरानी को मजबूत करने के लिए उपायुक्तों की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली को प्रभावी बनाने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा खत्म करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, हर जिले के लिए अलग-अलग कचरा प्रबंधन योजना बनाने पर भी जोर दिया गया, जिसमें वाहनों की व्यवस्था, मानव संसाधन, कलेक्शन की आवृत्ति और वार्डवार शेड्यूल शामिल होगा।

वित्तीय स्थिरता पर बात करते हुए सचिव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की भुगतान करने की सीमित इच्छा को देखते हुए यूजर चार्ज को व्यावहारिक और लागू करने योग्य बनाया जाए।

बैठक में बड़े कचरा उत्पादकों (Bulk Waste Generators) के लिए भी जिम्मेदारी तय करने और नीति में इसे शामिल करने पर चर्चा हुई।

सचिव ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के 5,900 से अधिक ODF प्लस गांवों में स्वच्छता की उपलब्धियों को बनाए रखने के लिए सामुदायिक भागीदारी के साथ मजबूत O&M ढांचा जरूरी है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि पंचायत स्तर पर पूंजीगत व्यय (PRI Capex) का 10% हिस्सा स्वच्छता और ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) के रखरखाव के लिए निर्धारित किया गया है।

FSSM नीति पर चर्चा करते हुए सचिव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 60% परिवार ऑन-साइट शौचालय प्रणाली का उपयोग करते हैं, इसलिए फीकल स्लज के सुरक्षित संग्रह, परिवहन, उपचार और निस्तारण के लिए एक संगठित व्यवस्था जरूरी है।

Viyasmani Tripaathi

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