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जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नया मोड़ “लेबर पार्टी” का उदय — मजदूर वर्ग को न्याय दिलाने का संकल्प

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार, पुंछ
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में सोमवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है। श्रीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में “जम्मू-कश्मीर लेबर पार्टी” का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया। पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष मोहम्मद रमज़ान ने इसे आम जनता, खासकर मजदूर वर्ग और गरीब तबके की आवाज़ बताया है।
मोहम्मद रमज़ान ने कहा —
> “यह पार्टी सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम बनेगी। अब वह राजनीति ख़त्म होगी जो केवल खोखले वादे करती थी। हम उन भूले-बिसरे लोगों की आवाज़ बनेंगे जो हमेशा चुनाव के बाद भुला दिए जाते हैं।”
पार्टी के उपाध्यक्ष बशीर अहमद ने भी पारंपरिक राजनीतिक दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि वर्षों से गरीबी का इस्तेमाल केवल वोट बैंक के लिए किया गया। उन्होंने कहा —
> “दूसरी पार्टियां चुनाव से पहले गरीबों का सहारा लेती हैं और बाद में उन्हें छोड़ देती हैं। लेबर पार्टी सिर्फ वादा नहीं, जमीनी बदलाव का प्रतीक बनेगी।”
पार्टी का फोकस क्या है?
✅ मजदूरों और दिहाड़ी मजदूरों के अधिकारों की रक्षा।
✅ शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच।
✅ रोजगार सुधार और न्यूनतम वेतन का सशक्त कानून।
✅ गरीबों और वंचितों को न्याय दिलाना।
स्थानीय लोगों में उम्मीद की लहर
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आम जनता में वर्षों से राजनैतिक व्यवस्था के प्रति नाराज़गी है, ऐसे में “लेबर पार्टी” जमीनी स्तर पर उम्मीद जगा सकती है। पार्टी का मकसद गरीब तबके के लिए एक सशक्त मंच तैयार करना है।
आगे की रणनीति
लेबर पार्टी अब जिलों और गांवों में अपनी जड़ें मजबूत करेगी और हर गरीब परिवार तक अपनी बात पहुंचाएगी। मोहम्मद रमज़ान का कहना है कि पार्टी का लक्ष्य “सत्ता का उपभोग” नहीं बल्कि “जनसेवा” है।
📌 क्या लेबर पार्टी जनता की उम्मीदों पर खरी उतरेगी? या ये भी एक और नाम बनकर रह जाएगी? आने वाले समय में इसका जवाब मिलेगा।
👉 आपकी क्या राय है? क्या मजदूरों की आवाज़ अब सुनी जाएगी? कमेंट कर अपनी राय दें।

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