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भ्रष्टाचार में मैडल पाने के योग्य आपूर्ति निरीक्षक खेसराहा

ब्यूरो चीफ सचिन कुमार कसौधन

 

बांसी।खेसरहा – जिले के विकास के लिए जिले के जिलाधिकारी सुबह-शाम न देखकर भ्रष्टाचार करने वालों पर लगाम लगा रहे हैं जनपद में जब से जिलाधिकारी डॉ राजा गणपति आर आये है तब से जिले में भ्रष्टाचार करने वालों में अफरातफरी का माहौल है। फिर भी जिले में कुछ अराजक तत्वों द्वारा आज भी भ्रष्टाचार करने में अग्रणी है।देखा जाए तो विभाग के सह पर खेसरहा ब्लाक के कुछ ग्राम पंचायत ऐसे हैं जो ग्रामीणों को दोनों हाथों से लूटने में लगे हुए हैं।इस समय देश कि स्थिति परिस्थिति से हर कोई वाकिफ हैं।देश इस समय लड़ाई के उस मोड़ पर खड़ा है कि कभी भी देश में आपातकाल लागू हो सकता है। ऐसे में हर किसी को एक दूसरे कि मदद करनी चाहिए लेकिन नहीं कुछ लोग लूट कर अपने जेब गर्म करने में लगे हुए हैं। ग्रामीण जिसके ऊपर भरोसा करके ग्राम पंचायत कि सरकारी दुकान उनके हाथों में सौंप दिया आज वही कार्ड धारक के राशन को डकारने में लगे हुए हैं। ऐसे में कार्ड धारक बिबश और मजबूर होकर गल्ला लेते हैं। ऐसे में कार्ड धारक को कोटेदार के धमकी भरी बातें सुनना पड़ता है कि जो दे रहे हैं ले जाओ नहीं तो राशन कार्ड खत्म हो जाएगा नेता बनोगे। ऐसे शब्द कहना कोटेदार के मुंह से शोभा नहीं देता लेकिन नहीं जब विभाग के आपूर्ति निरीक्षक का तालमेल हो तो कार्ड धारक क्या कर सकते हैं। खेसरहा ब्लाक पहले भी जिले के भ्रष्टाचार में नंबर वन था आज भी वही हाल है। खेसरहा में सरकारी गल्ले के दुकानदार एक ही शब्द कहते हैं जब पचास रुपये प्रति क्विंटल देते हैं तो वह कहां से निकलेगा। ग्राम पंचायत मुडेहरा में मसैचा कि सरकारी गल्ले कि दुकान सम्बंधित है वहां कि स्थिति यह है कि कार्ड धारक से अंगूठा लगवा कर राशन औने-पौने दाम मे खरीद लिया जाता है। जबकि ऐसा मसैचा के सरकारी गल्ले के दुकानदार नहीं करते थे आज ऐसी स्थिति है कि मसैचा सहित मुडेहरा के कार्ड धारक त्रस्त है इस ग्राम पंचायत में मौके पर जिलाधिकारी महोदय जांच कर लें तो शायद कार्यवाही होने से कोई नहीं रोक सकता। ऐसा हि मामला चौरी खुर्द,बसखोरिया का है जहां कोटेदार अपने मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। चौरी खुर्द में आपूर्ति निरीक्षक को अपना रिसतेदार बताने वाले कोटेदार ईंट पत्थर रखकर अंगूठा लगवा लेते हैं बाद में राशन दिया जाता है। दूसरे तरफ जब आपूर्ति निरीक्षक को ईमानदार छबि वाले जिलाधिकारी का जरा सा भय नहीं रहा। इससे साफ जाहिर होता है कि आपूर्ति निरीक्षक पैसे लेकर गलत कार्य करने में महारथ हासिल कर चुके हैं। ऐसे में सरकारी गल्ले के दुकानदार सहित आपूर्ति निरीक्षक को भ्रष्टाचार का मैटल मिलना चाहिए। ऐसे में जिम्मेदार हि जाने कि किस किस के सह पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

 

Sachin Kumar Kasudhan

Beauro Chief (Basti)

Sachin Kumar Kasudhan

Beauro Chief (Basti)

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