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BDI सनशाइन सिटी में बिल्डर की दादागिरी
महिलाओं से बदतमीजी रहवासियों का सड़क पर विरोध प्रदर्शन

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा
भिवाड़ी, 20 अप्रैल — BDI सनशाइन सिटी में रविवार सुबह उस समय तनाव का माहौल बन गया जब बिल्डर BDI एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कथित रूप से लगभग 100-150 बाहरी लोगों को सोसाइटी में बुलाया गया। इससे पूरे परिसर में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इन लोगों ने महिलाओं के साथ बदतमीजी की और डराने-धमकाने की कोशिश की, जिससे सुबह की वॉक पर निकली महिलाओं में भय व्याप्त हो गया।
स्थिति बिगड़ते देख, सोसाइटी के सभी निवासी एकजुट हुए और बिल्डर की इस कथित दादागिरी, खराब सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं की असुरक्षा के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
निवासियों का आरोप है कि जो भी बिल्डर के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके खिलाफ झूठे मुकदमे (FIR) दर्ज करवा दिए जाते हैं, साथ ही उसकी बिजली और पानी की आपूर्ति भी काट दी जाती है।
राजस्थान अपार्टमेंट एक्ट 2015 के तहत, BDI एस्टेट प्रा. लि. को सोसाइटी के रख-रखाव का कार्य रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी (RWS) को सौंपना था, जिसका समय अब समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद बिल्डर जबरन प्रबंधन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस को बार-बार कॉल की गई, लेकिन शुरुआती दौर में कोई सहायता नहीं मिली। अंततः करीब सुबह 11 बजे SHO साहब और उनकी टीम पहुंचे। SHO का कहना था कि जब तक प्रशासन से स्पष्ट आदेश नहीं मिलेगा, वे कार्रवाई नहीं कर सकते और उन्होंने BIDA कार्यालय जाने की सलाह दी।
स्थिति को गंभीर होता देख, निवासियों ने ADM (उपखंड अधिकारी) मैडम को बुलाने की मांग की, जो मौके पर पहुंचीं और सभी पक्षों की बात सुनीं। ADM ने बिल्डर के मेंटेनेंस हेड अभिषेक साहा से सख्त सवाल पूछे:
• आप RWS को मेंटेनेंस क्यों नहीं सौंप रहे?
• आप किस अधिकार से निवासियों की बिजली-पानी काटते हैं?
• आप राजस्थान अपार्टमेंट एक्ट 2015 का पालन क्यों नहीं कर रहे?
निवासियों ने यह भी अवगत कराया कि हाईकोर्ट के केस नंबर 278/2023 में BDI एस्टेट प्रा. लि. की वह अपील खारिज कर दी गई है जिसमें उन्होंने सोसाइटी का मेंटेनेंस बनाए रखने की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने इसे राजस्थान अपार्टमेंट एक्ट 2015 के विपरीत करार दिया है।
ADM मैडम ने सभी पक्षों को 22 अप्रैल को कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है, ताकि मामले का निष्पक्ष समाधान किया जा सके। इस मौके पर निवासियों ने ADM को एक ज्ञापन भी सौंपा।
अब देखना यह है कि क्या BIDA प्रशासन निवासियों के हित में कोई ठोस कदम उठाता है या फिर हमेशा की तरह बिल्डर के दबाव में मामला दबा दिया जाएगा।
प्रश्न यह भी बना हुआ है कि आखिर कब तक बिल्डर की यह दबंगई और मनमानी यूं ही चलती रहेगी?

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