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बेसिक शिक्षा के विद्यालयों के मर्जर से गरीबों के बच्चों का शिक्षा से वंचित होने का खतरा

मर्जर के बाद बढ़ जायेगी विद्यालयों की दूरी -विद्यालयों की दूरी बढ़ने से बच्चे नहीं पहुँच पायेंगे स्कूल -दूरी बढ़ने से बच्चों की सुरक्षा होगी प्रभावित -शिक्षक संगठन कर रहा मर्जर का विरोध

ब्यूरो चीफ सचिन कुमार कसौधन बस्ती

 

      बस्ती संवाददाता – लोगों को सस्ती एवं सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने की मंशा से प्रत्येक ग्राम पंचायत में बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना की गयी थी परन्तु वर्तमान में 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों का समीप के दूसरे विद्यालयों में मर्ज करने की तैयारी चल रही है जिससे गरीबों के बच्चों का शिक्षा से वंचित होने का खतरा बढ़ गया है।

         प्राप्त समाचार के अनुसार बेसिक शिक्षा के अधीन संचालित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के ऐसे विद्यालयों को समीप के दूसरे विद्यालयों में मर्ज करने की तैयारी पूर्ण कर ली गयी है जहाँ पर नामांकन 50 से कम है । हलांकि विभाग के इस कुचक्र का प्राथमिक शिक्षक संघ पुरजोर विरोध कर रहा है और विद्यालयों का मर्जर न हो इसको लेकर संघ आर-पार का मूड बना चुका है । वैसे बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में अधिकांशतः गरीब तबके के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं ऐसे में यदि मर्जर के बहाने विद्यालयों को बन्द करने के कुचक्र से सबसे पहले गरीबों का शिक्षा का हक छिनेगा। विद्यालयों के मर्जर से विद्यालयों की दूरी बढ़ जायेगी जिसके कारण कक्षा 1 , 2 व 3 के बच्चे स्कूल नही पहुँच पायेंगे जिसके कारण उनके शिक्षा से वंचित होने का खतरा बढ़ जायेगा। मर्जर के प्रकरण पर जब संवाददाता ने कुछ अभिभावकों से बात किया तो उन लोगो ने मुखर होकर अपनी बात रखते हुए बताया कि शासन का यह गलत कदम है विद्यालय दूर होने से बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हो जायेगी।

Sachin Kumar Kasudhan

Beauro Chief (Basti)

Sachin Kumar Kasudhan

Beauro Chief (Basti)

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