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खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज द्वारा नियम को ताक पर रखकर सचिवों को किया गया ग्राम का आवंटन
खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज द्वारा विकासखंड कप्तानगंज में सचिवों के ग्राम आवंटन दिख रही असमानता

संवादाता सचिन कुमार कसौधन
बस्ती – विकासखंड कप्तानगंज में 53 ग्राम पंचायतों के सचिव वार क्लस्टर आवंटन में दिखाई पड़ रही बड़ी अनियमितता यहां पर सचिव कमलेश कुमार शाह को 06 गाव,मोहम्मद शकील को 10 गांव ,पंकज सिंह को 04 गांव, उदितांशु शुक्ला को 09 गांव, नीरज निषाद को 04 गांव , अरविंद को 04 गांव, आशुतोष श्रीवास्तव को 01 गांव, प्रिया सिंह सचिव को एडीओ पंचायत चार्ज सहित 04 गांव, सुमन देवी को 08 गांव, सोनम श्रीवास्तव को 03 गांव का आवंटन हुआ है इस प्रकार के आवंटन को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि सचिवों के पोषण व्यवस्था को देखते हुए ग्राम पंचायत का आवंटन हुआ है सचिव अपनी क्षमता और जुगाड़ के अनुसार ग्राम पंचायत का आवंटन अपने नाम करने में सक्षम रहे हैं या यू कहा जाए की खंड विकास अधिकारी से जिसकी जितनी पकड़ उसे उतने गांव का आवंटन हुआ है अधिक गांव का चार्ज लेकर किराए के कर्मचारियों द्वारा सहयोग लेकर ग्राम पंचायत का कार्य सचिवों द्वारा कराए जाने का तथ्य भी सूत्रों के अनुसार उजागर हुआ है ऐसे में देखना है की किस प्रकार से खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज इस दुर्व्यवस्था को सुव्यवस्था में परिवर्तित करते हैं साथ ही यह तथ्य उजागर हुआ है कि सचिव रोस्टर के अनुसार निर्धारित दिन पर अपने ग्राम पंचायत के पंचायत भवन पर बैठने की फुर्सत नहीं पाते हैं जिससे ग्राम पंचायत के निवासियों को अपने सचिव को पहचानने एवं जरूरी कार्य कराने के लिए ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर काट काट कर इस धूप भरे मौसम में अपने जान को जोखिम में डालने का साहस करना पड़ रहा है, साथ ही नियमित रूप से सचिव फील्ड का हवाला देकर ग्राम पंचायत से और ब्लॉक से कोसों दूर रहकर कार्य करते हैं ऐसी जानकारी सूत्रों के मुताबिक प्राप्त हुई है अब देखना है शासन प्रशासन किस तरह से अपनी पैनी नजर रखकर सरकार की मनसा को साकार करने में कितनी अच्छी कार्रवाई की जाती है यह आने वाला वक्त और समय बतायेगा कहीं ना कहीं यह लापरवाही ही पूर्व सांसद के हार का कारण बनी हैl ए.डी.ओ .पंचायत कप्तानगंज द्वारा नियमित सदस्य अपनी उपस्थित नहीं दर्ज की जाती है तथा ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी उनके कार्यालय में कार्यरत हैं जबकि उनकी हाजिरी ग्राम पंचायत से लगती है इस तरह से कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार की कहानी कुछ अंदर तक दिखाई पड़ती हैl
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