
ब्यूरो चीफ जयबीर सिंह (जयपुर)

जयपुर। गर्मियों की शुरुआत हो गई है। मनुष्य तो जैसे-तैसे इस सीजन को गुजार लेता है। लेकिन पक्षियों के लिए यह समय काफी मुश्किल भरा होता है। दरअसल, शहर में नदी, तालाब पोखर न के बराबर हैं। ऐसे में पक्षियों के लिए अपनी प्यास बुझाना आसान नहीं है। इन हालातो में प्रतिवर्ष गर्मी के सीजन में सैकड़ों पक्षी भूख -प्यास से तड़पकर इस दुनिया को अलविदा कह देते हैं। पक्षियों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए दि ब्रेन पावर स्कूल की पहल…पर विशाल परिंडा महोत्सव का आयोजन किया किया गया। इस अवसर पर स्कूल के प्रिंसिपल देशराज शर्मा ने कहा कि शिवमय प्रकृति है, सबको समानरूप से जीवन जीने का अधिकार है परंतु मनुष्य ने अपने स्वार्थवश पशु-पक्षियों के निवास स्थान को काटकर अपना कब्जा जमा लिया, जिससे अब इनका जीना दुश्वार हो गया है। पक्षियों की कई प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर है अत: हम अगर अभी भी नहीं चेते तो वो दिन दूर नहीं जब हम पक्षियों के कई प्रजातियों को खो चुके होंगे।
इस अवसर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सांगानेर सदर थाने की इंचार्ज पूनम चौधरी ने बच्चों को बताया कि प्रकृति का संरक्षण बहुत जरूरी है अगर हम प्रकृति का संरक्षण नहीं करेंगे तो प्रकृति अपना बदला कभी अतिवृष्टि तो कभी सूखे के रूप में तो कभी भुंकप के रूप में लेगी। आज पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है, वाटर लेबल काफी डाउन चला गया है, अगर समय रहते हम प्रकृति का संरक्षण नहीं करेंगे तो और भी विकट स्थितियां उत्पन्न होगी। उन्होंने बच्चों को समझाते हुए कहा कि प्रकृति ने हमें नदी, झरने, पर्वत और हरे भरे जंगल दिए परंतु हमने इनका दोहन ही किया है। उन्मुक्त बहने वाली नदियों को डेम बनाकर बांध दिया, जंगलो को काटकर इस्तेमाल किया। उन्होंने बच्चों को जल संरक्षण का महत्व समझाते हुए कहा कि बारिश के पानी को हम वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से संरक्षित कर उपयोग में ले सकते है। उन्होंने परिंडा महोत्सव में पक्षियों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि पक्षियो को बचाना हमारा दायित्व है अत: उनके लिए जगह-जगह दाना-पानी की व्यवस्था करना हम सबका दायित्व है।
इस अवसर पर राजस्थान जनमंच पक्षी चिकित्सालय के फाउण्डर कमल लोचन ने पक्षियों के संरक्षण का महत्व बताते हुए कहा कि इनका संरक्षण बहुत जरूरी है नहीं तो ये प्रकृति में खो जाएंगे। उन्होंने अपील की कि यदी कही भी आपको बिमार या घायल पक्षी दिखे तो उन्हें तुरंत पक्षी चिकित्सालय में लेकर आए ताकि उनका जीवन बचाया जा सके।
परिंडा महोत्सव कार्यक्रम में डॉ. मनीष गुप्ता ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के साथ ही अपने स्वास्थ्य की देखभाल कैंसे करें इसकी जानकारी दी, उन्होंने कहा कि आज असंयमित खान-पान की वजह से हमारा स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, अत: हमें संतुलित आहार लेना चाहिए। यदि हम स्वस्थ रहेंगे तभी पर्यावरण व समाज को एक स्वस्थ परिवेश दे पाएंगे। उन्होंने पक्षियों के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि हमें इस तरह के आयोजन करते रहना होगा जिससे बेजूबान की रक्षा की जा सके।
इस अवसर पर कंचन देवी मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष शरद हिंगड़ ने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाल मन को यदि अभी से हम पर्यावरण के प्रति अवेयरनेस नहीं करेंगे तो वो दिन दूर नहीं जब हम प्रकृति के भयानक कोप के भाजन बनेंगे। अत: बच्चों को प्रकृति से जोडऩे के लिए इस तरह के आयोजन जरूरी है।
इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर नवरतन साहू प्रिंसिपल देशराज शर्मा व संस्थापिका सीमा साहू ने बच्चों को प्रकृति के प्रति अवेयरनेस करने हेतु इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने पर प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ व अभिभावक कमलेश, अंजू चौधरी,
मोनिका,कविता झा,तनु, अनुपमा, श्वेता, रेणुका, पूजा, रेनू संगीता, अशोक,आशीष, दीपक, संतरा, सोनू, प्रहलाद, महेंद्र साहू, राजेंद्र साहू, संजय शर्मा, आनंद कुमार….

Subscribe to my channel


