ज्ञान दिशा स्कूल में आज मुनि सुमतीकुमारजी ने बच्चों को प्रेरणा देते हुए कहा कि बच्चों को शरीर के साथ साथ अपनी आत्मा को भी पोषित करने हेतु प्रभु भक्ति, सद गुणों सहित आचरण करना चाहिए। क्रोध, झूठ आदि दुराचार का त्याग कर सदाचार करके बच्चे अपने आत्मा का पोषण करें। सहनशक्ति को बढ़ाकर अपने आप को तैयार करें। आत्मा का पोषण के लिए जीवन विज्ञान स्मरणशक्ति एवं एकाग्रता को बढ़ाती है जो भविष्य में अच्छे परिणाम दिलाती है।
विद्यालय के प्रांगण में मुनि श्री जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए अणुव्रत सेवी ओम बाँठिया ने बच्चों को मुनिश्री द्वारा बताए मार्ग पर प्रशस्त होने का संकल्प दिलाया।
संस्था प्रधान विशाल पटवारी ने बच्चों को क्रोध शमन करने हेतु पाठ्यक्रम में महाप्राण ध्वनि को जोड़ने की बात की।
कार्यक्रम में संस्था सचिव श्वेता पटवारी, विद्यालय स्टाफ एवं अभिभावक गण उपस्थित हुए।