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Narnoul अंतर्राष्ट्रीय आत्महत्या निवारण दिवस पर जिला महेंद्रगढ़ में नशीली दवाओं के सेवन के खिलाफ चलाया जन जागरण अभियान

ब्यूरो चीफ सतीश कुमार महेंद्रगढ़ हरियाणा 

 

*नारनौल टुडे न्यूज़*    

   राजकीय महाविद्यालय नारनौल में स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ डॉ रमेश चन्द्र आर्य के दिशानिर्देशों में और प्राचार्य डॉ पूर्ण प्रभा की अध्यक्षता में आज स्वास्थ्य विभाग के मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय आत्महत्या निवारण दिवस और जिला महेंद्रगढ़ में नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया गया। 

              *इस दौरान डिप्टी सीएमओ मनोचिकित्सक डॉ अनिल यादव ने बताया कि आज दुनियाभर में बढ़ती आत्महत्याओं को रोकने के बारे में जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से प्रति वर्ष 10 सितंबर को दुनिया भर में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (World Suicide Prevention Day) मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक हर वर्ष लगभग आठ लाख लोग आत्महत्या की वजह से अपनी जिंदगी ख़त्म कर देते हैं।इनमें से आत्महत्या के ज्यादातर मामले 15 से 29 वर्ष के लोगों के सामने आते हैं। जिनमें अधिकतर सुसाइड केस अविकसित और विकासशील देशों में देखने को मिलते हैं।*

           उन्होंने बताया कि हाल ही में कोटा शिक्षण प्रशिक्षण केन्द्र में आत्महत्या का मामला आमजन को झकझोर कर रहा है।अगर किसी को खुदकुशी के विचार आ रहे हैं तो किसी करीबी से बात साझा करनी चाहिए। हेल्पलाइन या पेशेवर परामर्शदाता या मनोचिकित्सक से बात करनी चाहिए। परिवार और दोस्त आसपास रहें। यह एहसास कराना चाहिए कि वह उस व्यक्ति से बहुत प्यार करते है।मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल बताते हैं कि आत्महत्या को रोका जा सकता है।आत्महत्या के पीछे मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक, व्यक्तिगत, सांस्कृतिक एवं पारिस्थितिकीय कारण होते हैं। जिंदगी के प्रति संतुलित नजरिया रखें। अच्छा और बुरा दोनों ही जिंदगी के पहलू हैं। 

            *जिला अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत यादव और स्टाफ नर्स संजू यादव ने बताया कि इसमें मनोचिकित्सक और काउंसलर मरीजों की काउंसिलिंग कर उन्हें मानसिक परेशानी से निकालने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा सप्ताह में दो बार शहर और देहात में कैंप भी लगाए जाते हैं। हर साल आठ लाख लोग आत्महत्या करते हैं। इससे 25 गुना लोग आत्महत्या का प्रयास भी करते है।*    

           महाविद्यालय प्राचार्य डॉ पूर्ण प्रभा ने विधार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आत्म हत्या में नशा प्रमुख भूमिका निभाता है। नशा समाज के लिए ऐसा दीमक है जो समाज को खोखला कर रहा है। नशा और आत्म हत्या मानव जीवन को समय से पहले ही समाप्त कर रहा है। नशीले पदार्थों के सेवन से व्यक्ति न केवल अपनी शारीरिक हानि करता है बल्कि अपने परिवार के साथ-साथ सामाजिक वातावरण को भी दूषित करता है। रेड रिब्बन क्लब के नोडल अधिकारी डॉ चंद्रमोहन ने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में सामान्य हस्पताल नारनौल के आत्म हत्या निवारण केंद्र और नशामुक्ति केंद्र पर इस प्रकार के मनोवैज्ञानिक रूप से बिमार और साथ ही साथ नशें में ग्रस्त लोगों के लिए बिल्कुल मुफ्त इलाज और दवाओं की सुविधा उपलब्ध है।      

                 *महाविद्यालय कुलसचिव डॉ सत्य पाल सुलोदिया ने विधार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें हमेशा नशा के खिलाफ और नशीली दवाओं के विरुद्ध आवाज बुलंद करनी चाहिए। रेडक्रास और रेड रिब्बन क्लब के नोडल अधिकारी डॉ चंद्रमोहन ने आत्म हत्या निवारण और नशा के खिलाफ समस्त स्टाफ सदस्यों और विधार्थियों को जागरूकता शपथ दिलवाई और साथ ही साथ एक आत्म हत्या निवारण जागरूकता और नशामुक्ति जनजागरण रैली भी निकाली गई।*

Satish Kumar

Beauro Chief Mahendragarh Haryana

Satish Kumar

Beauro Chief Mahendragarh Haryana

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