तेरापंथ धर्मसंघ की वरिष्ठ साध्वी शासन श्री बिदामा श्री का संथारा पूर्वक देहावसान – मीरां जैसी तपस्विनी के जीवन को श्रद्धांजलि
तेरापंथ धर्मसंघ की प्रतिष्ठित साध्वी, शासन श्री बिदामा श्री ने कालू में संथारा संलेखना के माध्यम से शांतिपूर्वक देह त्याग किया। उनका जीवन सच्चे अर्थों में त्याग, संयम और आत्मिक साधना का प्रेरक दस्तावेज रहा।
साध्वी उज्जवलरेखा जी ने श्रद्धांजलि स्वरूप कहा कि “साध्वी बिदामा जी का जीवन मतवाली मीरां की तरह एक जीवंत आदर्श था, जिन्होंने धर्म के शिखर तक पहुँचने का सतत प्रयास किया और आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त किया।”
बिदामा श्री को अपने दीर्घ जीवन में तीन साध्वी प्रमुखाओं तथा आचार्य तुलसी, आचार्य महाप्रज्ञ, आचार्य महाश्रमण जैसे तेरापंथ के शीर्षाचार्यों के दर्शन और सान्निध्य का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने सदैव गुरु इंगित को सर्वोपरि मानते हुए जीवनभर ऋजुता, सरलता और आत्म अनुशासन का पालन किया।
उनकी अंतिम यात्रा में देशभर से श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित हुए। कालू जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, महिला मंडल, युवक परिषद, कन्या मंडल सहित विभिन्न संस्थाओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए और जीवन भर धर्म के पथ पर निष्ठापूर्वक चलने वाली इस तपस्विनी को नमन किया।