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ग्राम पंचायत बनके गांव भष्ट्रचार की खबर चलने से बौखलाए प्रधान के साथ रोजगार सेवक और उनके गुर्गे
पत्रकारों के खबर छापने से नही होगी कार्रवाई रुपयों की गड्डी बीडीओ को देकर आय हूँ - प्रधान के रोजगार सेवक खेसरहा वीडीओ पैसा लेकर खुद भ्रष्टाचार में है लिप्त कैसे करेंगे कार्रवाई - प्रधान और रोजगार सेवक गुर्गे प्रधान के रोजगार सेवक अपने वफादार चम्चे के साथ खबर रुकवाने हेतु साम दाम दण्ड भेद भाव अपनाते पहुंचे बांसी पर

ब्यूरो चीफ सचिन कुमार कसौधन
सिद्धार्थ नगर- जनपद में मनरेगा घोटला पर प्रभावी कार्यवाही न होने कारण भ्रष्ट्राचारियों का इस कदर हौसला बुलन्द है कि भष्ट्रचारियो के गुर्गे खबर न छापने के लिए रुपयों की गड्डी लेकर बांसी में भटक रहे है और भष्ट्राचार की खबर ना छापने की दबाव बनाने पर तुले हैं खबर छपाने पर देख लेने की चेतवानी दे रहे है।
खेसरहा ब्लाक के ग्राम पंचायत बनके गांव में हुए भ्रष्टाचार की खबरें प्रकाशित होने से प्रधान के रोजगार सेवक सहित उनके गुर्गे बौखला गए हैं प्रधान और रोजगार सेवक अपने दबंग सहयोगी के साथ रुपयो की गड्डी ले लेकर अनेकों बांसी पहुंच खबरों को दबाने के लिए साम दाम दण्ड भेद भाव अपनाते हुऐ भष्ट्राचार की खबर उजागर करने वाले पत्रकार की खोजबीन में बांसी पहुंचे किन्तु उस पत्रकार से मुलाकात नही हो सकी लेकिन प्रधान के साथ रोजगार सेवक और उसके दबंग चम्चे ने मौजूद पत्रकारो से मुलाकात होने धमकी भरे अंदाज में कहा कि जितना भी रुपया लेना हो ले सकते हो खबर छपना बन्द होने चाहि हमारे रोजगार सेवक की इज्जत की बात है खबर छापने वाले पत्रकार को बता देना नही तो अनंजाम बहुत बुरा हो सकता है रोजगार सेवक चम्चे ने अपनी वाफादारी अपने प्रधान के सामने खूब पेश किया वही कहा कि पत्रकारों के खबर छापने से कुछ काईवाई नही होता है पैसो के सामने सब झुकते है बीडीओ को रुपये की गड्डी देकर आय हूँ जब वीडीओ खेसरहा खुद ही भ्रष्टाचार मे लिप्त हैं और साहब के संरक्षण सब कुछ हो रहा है। यही कारण है कि अभी तक हमारे ग्राम पंचायत की खबर छपने के भी वीडीओ साहब कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। कहना गलत नहीं होगा कि पत्रकार भष्ट्राचार पर अंकुश लगवानें और आम जनता की परेशानियों की आवाज बुलन्द करने की कोशिश में लगे रहते है लेकिन यहाँ भ्रष्ट्र वीडीओ साहब केवल पत्रकारों की खबरो क़ो कमाई का जरिया बना लिए है सहयोगी के साथ रुपयो की गड्डी ले ताकि खबरों को दबाया जा सके। लेकिन सच को दबाना मुश्किल है क्यों कि आम नागरिक सहित अन्य अधिकारी और ग्राम पंचायत बनके गांव की जनता भी सच जानती है।ग्राम पंचायत बनके गांव में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच चुका है। उनके गुर्गे सरकारी धन को लूटकर इतना खाँ चुके है कि अब इन्हे अपने आप पर घमंड हो गया है। और भष्ट अधिकारी रुपयो की गड्डी लेकर कार्यवाही नहीं कर रहे बल्कि खबरे प्रकाशित होने पर रुपया कमा रहे उच्च अधिकारियों से मांग है कि वे इस पूरे मामले में जांच करें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। इस मामले में उच्च अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके और सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच सके।

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