महाकुंभ नगर: मुख्यमंत्री उ0प्र0 श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा महाकुम्भ मेला से सम्बंधित भ्रामक एवं फेक न्यूज पोस्ट करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे। उक्त के क्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, श्री प्रशान्त कुमार द्वारा इसके लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की गई थी, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस एवं एक्सपर्ट एजेन्सी द्वारा मिलकर सोशल मीडिया पर महाकुम्भ से सम्बन्धित भ्रामक पोस्ट करने, अफवाह फैलाने वालों एवं साइबर अपराध के प्रति निरन्तर साइबर पेट्रोलिंग की जा रही थी। इसी क्रम में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान दिनांक 13-02-2025 को यह संज्ञान में आया कि *कतिपय सोशल मीडिया अकाउंट से 02 भ्रामक वीडियो को महाकुम्भ से सम्बन्धित बताकर अफवाह फैलाई जा रही है* ।
*A- प्रथम वीडियो में* मिस्र देश के अग्नि काण्ड से सम्बन्धित वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज का बताकर *यह अफवाह फैलाई जा रही है कि “महाकुंभ में लगी तीसरी बार आग, महाकुम्भ बस स्टैन्ड में लगी आग 40 से 50 गाड़ी जलकर हुई राख”* इस वीडियो की जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि पोस्ट में उल्लिखित वीडियो 14 जुलाई 2020 को मिस्र के काहिरा उपनगर में शुकैर-मोस्टोरोड पाइपलाइन से तेल के रिसाव के बाद लगी आग्नि काण्ड से सम्बन्धित है, जिसका खण्डन भी कुम्भ मेला एवं उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया एकाउंट से भी किया गया है।
उक्त वीडियो को अपलोड करके महाकुम्भ में की गई व्यवस्था को बदनाम करने और आम जनमानस के मन में सरकार और पुलिस प्रशासन के प्रति नकारात्मक माहौल बनाकर अफवाह फैलाने वाले निम्नलिखित 07 सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित करके उनके विरुद्ध कोतवाली कुम्भ मेला में अभियोग पंजीकृत कराते हुए विधिक कार्यवाही की जा रही है।
1- India With Congress (@UWCforYouth) एक्स (ट्विटर)
*B- दूसरे वीडियो में* पटना, बिहार से सम्बन्धित वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज का बताकर य *ह अफवाह फैलाई जा रही है कि “कुंभ में राष्ट्रवादी और सनातनी लोगों ने आर्मी वालों पर चप्पलें फेंकी! ये मुसलमान होते तो आज सभी सरकारी मीडिया चैनलों पर यही खबर होती, लेकिन इस धर्म के लोगों को ये सब अलाउड है शायद ।”* इस वीडियो की जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि पोस्ट में उल्लिखित वीडियो नवम्बर 2024 को पटना के गांधी मैदान में पुष्पा-2 फिल्म के प्रमोशन से सम्बन्धित कार्यक्रम में भीड़ के बेकाबू होने एवं अभद्र व्यवहार किये जाने से सम्बन्धित है, जिसका कुम्भ मेला एवं उ0प्र0 पुलिस के सोशल मीडिया अकाउन्ट से खण्डन भी किया गया है ।
उक्त वीडियो को अपलोड करके महाकुम्भ में आने वाले लोगों को गलत तरीके से प्रस्तुत करके सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने एवं आमजन मानस के मन में उ0प्र0 सरकार और पुलिस प्रशासन के प्रति नकारात्मक माहौल बनाकर अफवाह फैलाने वाले निम्नलिखित 15 सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित करके उनके विरुद्ध कोतवाली कुम्भ मेला में अभियोग पंजीकृत कराते हुए विधिक कार्यवाही की जा रही है।
*उल्लेखनीय है कि महाकुम्भ मेला के प्रारम्भ से विगत लगभग 01 माह के अन्दर महाकुम्भ से सम्बन्धित भ्रामक वीडियो/फ़ोटो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट करके अफवाह फैलाने वाले कुल 53 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध कुम्भ मेला पुलिस द्वारा अभियोग पंजीकृत करके आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है* । जिनका विवरण निम्नवत है :-
1- दिनांक 13-01-2025 को 01 एक्स (ट्विटर) अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिसके द्वारा कुम्भ मेला क्षेत्र में उत्तर प्रदेश फायर सर्विस द्वारा किये गए मॉक ड्रिल को वास्तविक बताकर कुम्भ मेला क्षेत्र में आग लगने की अफवाह फैलाई जा रही थी ।
2- दिनांक 02-02-2025 को 07 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके माध्यम से नेपाल के वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि “भगदड कांड में मारे गए लोगों के शव को परिजन पोस्टमार्टम हाऊस से कंधे पर शवों को लेकर जा रहे हैं, उनको कोई वाहन भी प्रशासन द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है ।”
3- दिनांक 02-02-2025 को ही 01 इंस्टाग्राम अकाउंट के विरुद्ध FIR पंजीकृत कराई गई, जिसके माध्यम से एक नाट्य रूपांतरण करके बनाए गए वीडियो में यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि, “महाकुम्भ में मृतको के शवों को नदी में प्रवाहित कराया जा रहा है और जिनकी सांस चल रही है उनकी किडनी को निकाल कर उनके शवों को नदी में प्रवाहित कराया जा रहा है ।”
4- दिनांक 07-02-2025 को 01 फेसबुक अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिसके द्वारा संगम क्षेत्र में भीड़ का अत्यधिक दबाव बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं की सुगमता हेतु अखाड़ा मार्ग खोले जाने के समय के वीडियो को भ्रामक रूप से भगदड़ का वीडियो बताकर अफवाह फैलाई जा रही थी ।
5- दिनांक 09-02-2025 को 14 एक्स (ट्विटर) अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके द्वारा धनबाद, झारखण्ड के वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि “महाकुंभ, प्रयागराज में अपने गुमशुदा परिजन की तलाश करने वाले श्रद्धालुओं की योगी जी की पुलिस द्वारा खूब पिटाई की जा रही है।”
6- दिनांक 12-02-2025 को 07 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके द्वारा वर्ष 2021 में जनपद गाजीपुर में नदी के किनारे मिले शव से सम्बन्धित वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज के भगदड़ में मरने वालों का शव बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि “एक तरफ महाकुंभ प्रयागराज का डंका बजाया जा रहा है दूसरी तरफ उसी गंगा मे लाशे तैर रही है, झूठों मक्कारो बेशर्मो की सरकार चल रही है देश में ।”
7- दिनांक 13-02-2025 को 07 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके द्वारा मिस्र देश में वर्ष 2020 में हुए अग्नि काण्ड से सम्बन्धित वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ प्रयागराज का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि “महाकुंभ में लगी तीसरी बार आग, महाकुम्भ बस स्टैन्ड में लगी आग 40 से 50 गाड़ी जलकर हुई राख”।
8- दिनांक 13-02-2025 को 15 विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिनके द्वारा बिहार में वर्ष 2024 में पुष्पा-2 फिल्म के प्रमोशन से सम्बन्धित कार्यक्रम के वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुम्भ का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि, “कुंभ में राष्ट्रवादी और सनातनी लोगों ने आर्मी वालों पर चप्पलें फेंकी!”
*महाकुंभ की साइबर सुरक्षा हेतु उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर पेट्रोलिंग की एक व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके अन्तर्गत उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर महाकुम्भ से सम्बन्धित भ्रामक पोस्ट करने, अफवाह फैलाने वालों एवं साइबर अपराध के प्रति निरन्तर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म की 24X7 मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी का परिणाम है कि विगत 01माह के अन्दर लगभग 53 सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित कर उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया है। सम्बंधित सोशल मीडिया कम्पनी से पत्राचार करके इन एकाउंट के संचालकों की जानकारी करके उनके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। मेरी सभी से अपील है कि सोशल मीडिया पर तथ्यों के सत्यापन किए बिना कोई भी भ्रामक पोस्ट न करें और जिम्मेदार नागरिक बनें: श्री प्रशान्त कुमार, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश*