प्रियांशु हत्याकांड में सुनवाई ना होने पर विभिन्न संगठनों ने डीसी व एसपी से लगाई न्याय की गुहार
विभिन्न संगठनों ने की जघन्य हत्याकांड की निंदा पुलिस ने प्रियांशु हत्याकांड की अविलंब गुत्थी सुलझाने का दिया आश्वासन

महेंद्रगढ़ से सतीश कुमार की रिपोर्ट
नारनौल, 12 जनवरी
19 दिसंबर को घटित 12 वर्षीय प्रियांशु की हत्या करने के मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई ना करने से क्षुब्द विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी हरियाणा अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग महासभा के प्रधान बिशन कुमार सैनी की अगुवाई में ज्ञापन की प्रति उपायुक्त की अनुपस्थिति में सिटी मैजिस्ट्रेट डॉ मंगल सैन को सौंपी गई जिन्होंने विस्तृत घटना पर यथाशीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, वहीं पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ज्ञापन की प्रति उप पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र को सौंपी गई । सभी संगठनों की विस्तार से वार्तालाप सुनने के बाद मौके पर दूरभाष पर सदर थाना के स्थानीय पुलिस अधिकारी को कड़े निर्देश दिए गए कि इस जघन्य काण्ड की गुत्थी प्राथमिकी आधार पर अविलंब सुलझाई जाए ।
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए हरियाणा अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग महासभा के महासचिव बिरदी चंद गोठवाल ने बताया कि 19 दिसंबर को पिड़ित के इकलौते बेटे प्रियांशु का सोची समझी चाल के तहत मर्डर कर दिया गया था जिसकी प्राथमिकी 20 दिसम्बर को मुकदमा नंबर 0696 द्वारा दर्ज कर दी गई, परंतु मर्डर के दोषियों को पुलिस आज तक गिरफ्तार करने में असमर्थ रही है । वहीं इस मामले में सर्व अनु0 जाति संघर्ष समिति के प्रधान चन्दन सिंह जालवान, रविदास महासभा के प्रधान बलबीर सिंह बबेरवाल, महर्षि वाल्मीकि सभा के प्रधान जोगेंद्र जैदिया, उपाध्यक्ष राजेश चांवरिया, हरियाणा प्रदेश चमार महासभा के प्रधान अनिल फाण्डन, धानक समाज से पूर्व डीजीएम महेंद्र सिंह खन्ना, कोली समाज के प्रधान तोताराम, कानूनी सलाहकार भीम सिंह दहिया, नांगल चौधरी संघर्ष समिति के प्रधान रोहतास बबेरवाल, शिवनारायण मोरवाल, पूर्व लेखाधिकारी रामकुमार ढ़ैणवाल, बंजारा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार, एडवोकेट भीम सिंह दहिया व एडवोकेट सुरेंद्र सैनी आदि सामाजिक संगठनों ने इस जघन्य हत्याकांड की घोर निंदा व अचरज महसूस करते हुए कहा कि यहां यह गौरतलब है कि पीड़ित के सामने वाले प्लाट में ट्राली से डाली गई समतल मिट्टी में खेलते समय मिट्टी गिरने से 12 वर्षीय बच्चे को मौत होना सम्भव नहीं है । यह मामला लगातार मिडिया व अखबारों में आने के बाद भी इस जघन्य घटना में गत 25 दिन से कोई कार्रवाई ना होना, पुलिस द्वारा मूकदर्शक बने रहने की अव्यवहारिक कार्यशैली, किसी बाहरी दबाव अथवा दोषियों से मिलीभगत होने के संदेह को उजागर करती है । मृतक के पिता समुद्र व माता गीता ने भी अधिकारियों के सम्मुख उनके इकलौते बेटे के हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार करने की गुहार लगाई । विभिन्न संगठनों ने यह चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन इस संगीन घटना में तत्परता से कार्रवाई नहीं करता है तो सभी संगठन आगामी रणनीति बनाने में बाध्य होंगे।

इस अवसर पर सरपंच सुनिल सैनी बास, हजारीलाल खटावला, अमरनाथ सिरोहा, लक्ष्मी देवी, जसवंत, एडवोकेट विकास, एडवोकेट प्रदीप, गुरदयाल सिंह नाहर आदि उपस्थित रहें
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