
जयपुर।.
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के द्वारा केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर-परिसर त्रिवेणी नगर में 20 वे रूपक महोत्सव का उद्घाटन आज बुधवार प्रात: 10.30 बजे आयोजित हुआ । कार्यक्रम के संयोजक प्रो. कुलदीप शर्मा ने बताया कि समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस कमिश्नर जयपुर बीजू जार्ज जोसफ थे ।अध्यक्षता प्रो रामकुमार शर्मा ने की समारोह की विशिष्ट अतिथि प्रो भगवती सुदेश पूर्व निदेशक जयपुर परिसर सारस्वत अतिथि प्रो सुरेन्द्र कुमार शर्मा थे पूर्व निदेशक संस्कृत शिक्षा थे।
अतिथियों ने सर्वप्रथम दीप प्रज्ज्वलन, माँ सरस्वती की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम की विधिवत् शुरूआत की। मुख्य अतिथि पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने सम्बोधित करते हुये कहा कि बचपन से ही संस्कृत भाषा को रेडियो वार्ता पर सुनकर आश्चर्य होता था और यहाँ आकर सभी को आपस में संस्कृत में वार्तालाप करते सुना। भारतीय संस्कृति और संस्कार का अद्भुत अनुभव संस्कृत भाषा करवाती है। रूपक महोत्सव जयपुर में आयोजित हो रहा है। राजस्थान की धरती अपनी ऐतिहासिक धरोहर के लिये विश्वविख्यात है।
रूपक महोत्सव 2024 के संयोजक प्रो. कुलदीप शर्मा ने बताया कि चार दिन चलने वाले इस रूपक महोत्सव में भारत के विविध राज्यों से आए विविध प्रतिभागी भारत की विविधता में एकता को प्रदर्शित कर रहे हैं। इस महोत्सव में संस्कृत के अतिरिक्त प्राकृत, तमिल, राजस्थानी, डोगरी, कन्नड़ तथा मलयालम आदि भाषाओं में भी प्रस्तुतियां दी जाएगी। राजस्थान की धरा का यह सौभाग्य है कि इस अखिल भारतीय रूपक महोत्सव के आयोजन के लिये मुख्यालय, नई दिल्ली द्वारा जयपुर परिसर को चुना गया।
मीडिया समन्वयक डॉ रानी दाधीच ने बताया कि नाट्यशास्त्र अनुसन्धान केन्द्र, भोपाल परिसर द्वारा पूर्वरङ्ग प्रस्तुति से नूतन सभागार में नाटकों का शुभारंभ हुआ। नाटक के अभीष्ट देवता नटराज का आह्वान करके नाटक का विधिवत् शुभारंभ किया जाता है। कार्यक्रम में 15 राज्यों के 600 छात्र छात्राएँ, प्रो. फतह सिंह, प्रो. कृष्णा शर्मा, प्रो. सतीश कुमार शर्मा, डॉ. धर्मपाल प्रजापत, प्रो. धर्मेन्द्र पाठक, डॉ. नमिता मित्तल, डॉ. लोकेश कुमार गुप्ता सहित सैकड़ों संस्कृत अनुरागी उपस्थित रहे।

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