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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का करनामा हो रहा दिन पर दिन उजागार

संवाददाता सचिन कुमार कसौधन बस्ती
रुधौली / बस्ती। उत्तर प्रदेश जनपद बस्ती के नगर पंचायत रुधौली के शांति नगर वार्ड में स्थित सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पर खांसी व कमर दर्द के दवा लेने के दौरान पेट दर्द शुरू हो गया उसके बाद आपरेशन रूम में ले जाकर क्या किया गया इसके बारे लोग बोलना उचित नहीं समझ रहे हैं।मोनी खुद चलकर अपना अस्पताल में पर्ची कटवाई फिर क्या दवा किया गया जिससे उसके मुंह से गाज आ गई मामला गंभीर होते देख स्टाफ के लोगों ने डॉक्टरों को बुलाया तब तक महिला दम तोड चुकी थी।लेकिन बच्चा पेट के अंदर चल रहा है आपरेशन करना पड़ेगा। जब डॉक्टर नही थे तो ये तो रेफर अथवा सर्जन को बुलाकर आपरेशन करना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
खांसी व कमर दर्द की शिकायत होने के बाद मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुधौली पहुंची एक गर्भवती की महिला की अचानक मृत्यु हो गई थी सिद्धार्थनगर जनपद के जोगिया थाना के तुरकौलिया गांव के रहने वाली मोनी गौड़ 24 वर्ष पत्नी सूरज गर्भवती थी पति के बाहर रहने के कारण पिछले 3 महीना से अपनी बड़ी बहन सुशीला के घर जनपद सिद्धार्थनगर के थाना क्षेत्र के शिव नगर डिडई के साड़ी खुर्द में रहती थी। डिलीवरी डेट नजदीक होने व खांसी व कमर दर्द की दवा कराने अस्पताल पर परिजनों के साथ आई थी।
प्रसव के दौरान महिला की मौत होने के बाद उसके बच्चे का ऑपरेशन करके निकाला गया और तब तक उसकी भी मौत हो गई। आपको बताते चलें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रूधौली में विगत कई महीनों से महिला डॉक्टर की तैनाती न होने से प्रसव कराने वाली महिलाओं को काफी समस्या हो रही है। ऐसे में तैनात स्टाफ नर्सो द्वारा प्रसव कराया जाता है और उसके नाम पर काफी पैसों की उगाही भी की जाती हैं जिसकी शिकायत कई बार तत्कालीन एमओआईसी से होती रहती थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सवाल या खड़ा होता है कि रुधौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तीन जनपदों का बॉर्डर होने के नाते ज्यादा मात्रा में यहां मरीज आते हैं। फिर से प्रशासन इतनी लापरवाही क्यों कर रहा है एक बड़ा सवाल है। जच्चा बच्चा की मौत के उपरांत लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू किया जिसकी जानकारी प्रभारी निरीक्षक रुधौली दिनेशचंद्र को हुई मौके पर पुलिस बल के साथ लोगों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया और मृतका पोस्टमार्टम करवाया।
अस्पताल परिसर में जच्चा बच्चा की मौत के उपरांत तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं लोगों का कहना है कि जब अस्पताल में महिला डॉक्टर नहीं है तो प्रसव कौन किया। यहां पर एक सर्जन डॉक्टर राजेश पटेल की तैनाती है जो क्रमशः बृहस्पतिवार शुक्रवार शनिवार को अपनी ड्यूटी देते हैं बाकी रोज जिला अस्पताल में ड्यूटी देते हैं। ऐसे में ऑपरेशन का कार्य कौन किया। वहीं दूसरी तरफ लोगों का कहना है कि यहां पर तैनात एक डॉक्टर की पत्नी द्वारा ऑपरेशन किया गया लोगों का कहना है कि जब यहां महिला डाक्टर तैनात नहीं हुई तो बिना पोस्ट किए हुए कोई और महिला डॉक्टर कैसे ऑपरेशन की। जब इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी अमित कनौजिया से उनके नंबर 9889299220 वार्ता करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा।

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