जम्मू कश्मीरब्रेकिंग न्यूज़
पूर्व मंत्री सुखनंदन चौधरी के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त से मिला, 13,720 कनाल जमीन वापस दिलाने की मांग
2013 में लीज समाप्त होने के बावजूद किसानों को नहीं मिली जमीन, 11 गांवों के करीब 2100 परिवारों की आजीविका से जुड़ा है मामला

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार
जम्मू, 31 अक्टूबर 2026।
जम्मू के चिनौर और आसपास के गांवों के किसानों एवं भूमि मालिकों का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता चौधरी सुखनंदन चौधरी के नेतृत्व में शुक्रवार को जम्मू के मंडलायुक्त (डिविजनल कमिश्नर) से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर सीड मल्टीप्लिकेशन फार्म, चिनौर को लीज पर दी गई 13,720 कनाल कृषि भूमि उसके मूल मालिकों को वापस दिलाने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि चिनौर सहित आसपास के 11 गांवों के किसानों की कुल 13,720 कनाल जमीन सीड मल्टीप्लिकेशन फार्म को लीज पर दी गई थी। किसानों के अनुसार, इस जमीन का लीज समझौता वर्ष 2013 में ही समाप्त हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा अब तक जमीन का कब्जा वास्तविक मालिकों को वापस नहीं सौंपा गया है।
11 गांवों के किसानों की 13,720 कनाल जमीन का मामला
चिनौर फार्म लैंडओनर्स एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में गांववार जमीन का विवरण भी प्रस्तुत किया गया है। इसके अनुसार बेली अजमत की 1,175 कनाल, बेली तौरान की 763 कनाल, धनकोट की 1,163 कनाल, बेली बागियां की 2,020 कनाल, चिनौर की 4,564 कनाल, थुब की 1,366 कनाल, चक मगाना की 618 कनाल, चक उम्बरा की 761 कनाल, गोल पठान की 432 कनाल, बाथुर की 470 कनाल और मछियाल की 388 कनाल भूमि इस मामले में शामिल है।
मुआवजे की दरों में संशोधन नहीं होने से किसानों में नाराजगी
भूमि मालिकों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2013 में लीज समाप्त होने के बावजूद न तो उनकी जमीन वापस की गई और न ही मुआवजे की दरों को मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित किया गया।
किसानों का कहना है कि इस स्थिति के कारण प्रभावित परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जमीन और उससे मिलने वाले मुआवजे पर करीब 2,000 से 2,100 परिवारों की आजीविका निर्भर है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि किसान पिछले कई वर्षों से संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग उठा रहे हैं। कई बार ज्ञापन सौंपने और आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
लीज समाप्त होने के बाद भी जमीन के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
भूमि मालिकों ने सवाल उठाया कि जब जमीन का लीज समझौता वर्ष 2013 में समाप्त हो चुका है, तो सीड मल्टीप्लिकेशन फार्म द्वारा उनकी कृषि भूमि का उपयोग अब तक किस आधार पर किया जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले की गंभीरता से जांच कर जमीन को उसके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
मंडलायुक्त से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील
पूर्व मंत्री चौधरी सुखनंदन चौधरी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त से आग्रह किया कि इस लंबे समय से लंबित मामले को संबंधित विभाग के समक्ष उठाकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
चिनौर फार्म लैंडओनर्स एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि यह मामला केवल जमीन के स्वामित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों किसान परिवारों की आजीविका, आर्थिक सुरक्षा और संपत्ति अधिकारों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से लागू नियमों एवं कानूनी प्रावधानों के अनुसार मामले का शीघ्र और न्यायसंगत समाधान करने तथा किसानों को उनकी जमीन वापस दिलाने की मांग की।

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