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बीकानेर में वन्देमातरम मातृशक्ति टीम की अनूठी पहल, नौ दिनों तक होगा कन्या पूजन महोत्सव
नवरात्रि के प्रथम दिन 21 कन्याओं का पूजन कर किया महोत्सव का शुभारंभ, शहर के अलग-अलग मोहल्लों में नौ दिनों तक होंगे आयोजन

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर। नवरात्रि के पावन अवसर पर वन्देमातरम मातृशक्ति टीम, बीकानेर ने सनातन संस्कृति, नारी सम्मान और सामाजिक संस्कारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। टीम की ओर से ‘नौ दिन, नौ स्वरूप—नौ दिन कन्या पूजन महोत्सव’ के तहत नवरात्रि के लगातार नौ दिनों तक शहर के विभिन्न मोहल्लों में कन्या पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
महोत्सव का शुभारंभ प्रथम दिन बीकानेर के जेलवेल टंकी के पास स्थित बाबा रामदेव जी मंदिर में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर 21 कन्याओं को माँ दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका विधिवत पूजन-अर्चन किया गया तथा उन्हें सम्मानित कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
कार्यक्रम में विजय कोचर, वन्देमातरम मातृशक्ति टीम की अध्यक्ष कामिनी विमल भोजक मैया, ममता सिंह, सूरज राठौड़, जसोदा खत्री, राजकुमारी व्यास, भवानी सुथार सहित टीम के अन्य सदस्यों ने भाग लिया। सभी ने श्रद्धापूर्वक कन्याओं का पूजन कर उनके चरणों में नमन किया।
कन्या पूजन केवल नवमी तक सीमित न रहे : कामिनी विमल भोजक
वन्देमातरम मातृशक्ति टीम की अध्यक्ष कामिनी विमल भोजक ने बताया कि सामान्यतः नवरात्रि की अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन करने की परंपरा है, लेकिन टीम ने इस परंपरा को एक नई सोच के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।
उन्होंने कहा कि जब नवरात्रि के नौ दिनों तक माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है, तो नौ दिनों तक कन्या स्वरूपा माँ का पूजन और सम्मान क्यों नहीं किया जा सकता? इसी भावना के साथ नौ दिवसीय कन्या पूजन महोत्सव की शुरुआत की गई है।
नारी सम्मान और सनातन संस्कारों का संदेश
टीम के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करना नहीं, बल्कि समाज में कन्याओं के प्रति आदर, सम्मान और सकारात्मक सोच विकसित करना भी है। नवरात्रि के प्रत्येक दिन अलग-अलग मोहल्लों में कन्याओं का पूजन कर मातृशक्ति के सम्मान का संदेश दिया जाएगा।
वन्देमातरम मातृशक्ति टीम का मानना है कि जिस समाज में कन्याओं का सम्मान होता है, वहां संस्कार, संवेदना और संस्कृति की जड़ें मजबूत होती हैं।
टीम ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि कन्या पूजन को केवल एक दिन की धार्मिक परंपरा तक सीमित न रखकर कन्याओं के सम्मान को जीवनभर का संस्कार बनाया जाए।
सेवा, संस्कार, सनातन सम्मान और नारी शक्ति का सम्मान—इसी संकल्प के साथ वन्देमातरम मातृशक्ति टीम ने इस अभिनव अभियान की शुरुआत की है।

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