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25 देशों के राष्ट्रीय ध्वजों के सानिध्य में शिक्षक दिवस समापन समारोह सम्पन्न
राष्ट्रीय शिक्षक सम्मेलन एवं विचार-प्रस्तुतीकरण में प्रतिभाओं को ‘वैश्विक शिक्षक रत्न’ एवं ‘शिक्षक गौरव’ अवार्ड से किया सम्मानित

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
*नई दिल्ली/जयपुर, 20 सितम्बर।* अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच फाउण्डेशन के तत्वावधान में नई दिल्ली स्थित *द इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटरनेशनल लॉ सभागार, 9 भगवान दास रोड, सर्वोच्च न्यायालय के सामने** शिक्षक दिवस समापन समारोह के अवसर पर *राष्ट्रीय शिक्षक सम्मेलन एवं विचार-प्रस्तुतीकरण* कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में 25 देशों के राष्ट्रीय ध्वजों के सानिध्य में विश्व समरसता, **वसुधैव कुटुम्बकम्, ग्लोबल विलेज एवं सत्यम् शिवम् सुन्दरम्** की भावना को आत्मसात करने का संदेश दिया गया।
समारोह के **मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री जे.के. रांका**, अध्यक्ष, रिटायर्ड सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय जजेज एसोसिएशन, **न्यायमूर्ति डॉ. इशरत मसरूर कुद्दूसी**, पूर्व मुख्य न्यायाधीश, उड़ीसा उच्च न्यायालय, भुवनेश्वर तथा **माननीय नागेंद्र राव उर्फ अनन्त महाराज जी**, सांसद, राज्यसभा, नई दिल्ली, विजयपाल सिंह तोमर पूर्व सांसद राज्य सभा एवं प्रभारी उडीसा राज्य रहे। समारोह के **विशिष्ट अतिथि डॉ. ए.पी. सिंह**, वरिष्ठ अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय, भारत रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षत **डॉ. हुकम चन्द गणेशिया**, कुलपति, रोमा इंटरनेशनल कल्चर यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली ने की।
समारोह के संयोजक **डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा, एडवोकेट, ईस्ट-वेस्ट लॉ फर्म, काठमाण्डौ, नेपाल** ने बताया कि शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं वैश्विक शांति के क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त बनाने के उद्देश्य से मंच द्वारा प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। शिक्षण कार्य में सक्रिय प्रतिभाओं द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों का चयन समिति द्वारा अवलोकन एवं चयन किए जाने के पश्चात उन्हें सम्मानित किया जाता है।
मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता **जम्बूद्वीप पद्मश्री इंजी. नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, एडवोकेट** ने बताया कि मंच की स्थापना से जुड़े संगठनात्मक इतिहास के अनुसार, अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच फाउण्डेशन की स्थापना **विश्व रत्न स्व. महावीर प्रसाद टोरड़ी** द्वारा नेपाल के पूर्व उपराष्ट्रपति एवं पूर्व न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय नेपाल **श्री परमानन्द झा** के सानिध्य में लगभग 35 वर्ष पूर्व की गई थी। तब से मंच अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि मंच द्वारा **भारत की शक्ति, पंचशील सिद्धान्त, भारत की प्रतिष्ठा तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता एवं वीटो अधिकार** जैसे विषयों के साथ भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान एवं वैश्विक स्तर पर शांति और समरसता के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इसी क्रम में आयोजित इस राष्ट्रीय शिक्षक सम्मेलन में **25 शिक्षक प्रतिभाओं को ‘वैश्विक शिक्षक रत्न अवार्ड’ तथा 45 शिक्षक प्रतिभाओं को ‘शिक्षक गौरव सम्मान’** से सम्मानित किया गया। सम्मानित प्रतिभाओं ने शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक सेवा एवं मानवीय मूल्यों से जुड़े अपने विचार भी प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का **मंच संचालन इंजी. नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, एडवोकेट** द्वारा किया गया, जबकि समारोह के **छायांकन का कार्य मंथन शर्मा** ने किया।
**अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच फाउण्डेशन** ने इस अवसर पर शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्रदान करने का माध्यम नहीं, बल्कि **चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता, संस्कार एवं विश्व बंधुत्व की आधारशिला** है।

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