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बस्ती: औद्योगिक प्रतिष्ठानों में जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली लागू, स्वैच्छिक थर्ड पार्टी ऑडिट की अपील

बस्ती से वेदान्त सिंह
बस्ती, 2 सितंबर 2026 (सू.वि.)। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कारखानों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों में निरीक्षण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली लागू की गई है। इस व्यवस्था के तहत औद्योगिक प्रतिष्ठानों को उनके जोखिम के आधार पर कम, मध्यम एवं उच्च जोखिम श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
शासन की व्यवस्था के अनुसार कम जोखिम वाले प्रतिष्ठानों के लिए स्वप्रमाणन (Self Certification) की सुविधा प्रदान की गई है। वहीं मध्यम जोखिम वाले औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए तृतीय पक्षकार संपरीक्षा योजना (Third Party Audit) लागू की गई है।
इस योजना के अंतर्गत शासन द्वारा श्रम कानून एवं तकनीकी क्षेत्र से संबंधित ऑडिटर फर्मों का पंजीकरण किया गया है। इसके माध्यम से औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने यहां स्वैच्छिक ऑडिट कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे प्रतिष्ठान श्रम कानूनों तथा निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुपालन की स्वयं समीक्षा कर आवश्यक सुधार कर सकेंगे।
सहायक श्रम आयुक्त सचिन कुमार सिंह ने मंडल के सभी संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे शासन की तृतीय पक्षकार संपरीक्षा योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने प्रतिष्ठानों का स्वैच्छिक ऑडिट कराएं।
उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक ऑडिट के माध्यम से प्रतिष्ठान श्रम कानूनों एवं तकनीकी मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के साथ-साथ निरीक्षण व्यवस्था को भी अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाने में सहयोग कर सकते हैं।
क्या है जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली?
जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली के तहत औद्योगिक प्रतिष्ठानों की गतिविधियों एवं जोखिम के स्तर के आधार पर निरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित की जाती है। इसका उद्देश्य कम जोखिम वाले प्रतिष्ठानों को अनावश्यक निरीक्षण से राहत देना तथा अधिक जोखिम वाले प्रतिष्ठानों में सुरक्षा एवं कानूनों के अनुपालन पर विशेष ध्यान देना है।
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