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प्रधानमंत्री मोदी व गृह मंत्री शाह को बांठिया ने पत्र भेज औधोगिक इकाइयों के पुनः संचालन की मांग

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
बालोतरा।
राजस्थान प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष गणपत बांठिया ने,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह,केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र भेजकर बालोतरा एवं बिठूजा के वस्त्र उद्योग तथा कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की है। उन्होंने पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करते हुए CETP से जुड़ी वस्त्र इकाइयों को विनियमित रूप से पुनः संचालन की अनुमति देने का आग्रह किया।
पत्र में बांठिया ने बताया कि बालोतरा एवं बिठूजा औद्योगिक क्षेत्रों में मर्सराइजिंग, डाइंग एवं प्रिंटिंग सहित वस्त्र प्रसंस्करण की 800 से अधिक इकाइयां CETP से जुड़ी हुई हैं। इनमें अधिकांश इकाइयां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) श्रेणी की हैं। उन्होंने कहा कि वस्त्र प्रसंस्करण उद्योग राजस्थान की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ ही बालोतरा जिले में बड़े स्तर पर रोजगार का प्रमुख माध्यम है।
बांठिया ने अभ्यावेदन में सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित Suo Motu Writ (Civil) Petition No. 8/2025 – In Re: 2 Million Lives at Risk का उल्लेख करते हुए कहा कि CETP संचालन से संबंधित मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति वस्त्र उद्योगों के संचालन से जुड़े विषयों की निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योग से जुड़े वास्तविक एवं वैध पक्ष को समिति के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने की आवश्यकता है, ताकि निर्णय लेते समय उद्योग, श्रमिकों और स्थानीय अर्थव्यवस्था के हितों को भी ध्यान में रखा जा सके।उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से राजस्थान के वस्त्र उद्योग के सामने उत्पन्न तकनीकी, विधिक एवं वैधानिक चुनौतियों के परीक्षण के लिए उच्चस्तरीय एवं अधिकार-संपन्न समिति अथवा सक्षम अधिकारी नियुक्त करने की मांग की है।उन्होंने ने प्रेषित पत्र में बालोतरा, जोधपुर एवं पाली के तीन प्रमुख वस्त्र क्लस्टरों से तृतीयक उपचारित अपशिष्ट जल के गहरे समुद्री निस्तारण के लिए रण ऑफ कच्छ तक बंद पाइपलाइन (Closed Conduit Line) बिछाने की व्यवहार्यता का अध्ययन कराने तथा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करवाने का भी आग्रह किया गया है।बांठिया ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के वस्त्र उद्योगों के लिए दीर्घकालिक एवं पर्यावरण अनुकूल समाधान विकसित करने की आवश्यकता है। इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है।उन्होंने Zero Liquid Discharge (ZLD) के अनुपालन के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल तथा राजस्थान सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने की मांग की। साथ ही CETP अवसंरचना के उन्नयन के लिए आवश्यक नीतिगत एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।बांठिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हजारों श्रमिकों की आजीविका और बालोतरा सहित पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख वस्त्र क्लस्टरों के भविष्य को सुरक्षित रखना भी आवश्यक है।

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