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20 सितम्बर को नई दिल्ली में होगा शिक्षक दिवस समापन महोत्सव, 75 शिक्षकों को मिलेगा “वैश्विक शिक्षक रत्न अवार्ड
25 राष्ट्रों के राष्ट्रध्वजों के सान्निध्य में आयोजित होगा शिक्षक सम्मेलन एवं विचार-प्रस्तुतीकरण

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
**जयपुर।** शिक्षा, संस्कृति, विश्व बंधुत्व एवं सामाजिक समरसता की भावना को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने के उद्देश्य से **अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच** द्वारा **20 सितम्बर, 2026** को **नई दिल्ली** में **शिक्षक सम्मेलन एवं विचार-प्रस्तुतीकरण** का भव्य आयोजन **शिक्षक दिवस समापन महोत्सव** के रूप में किया जाएगा। इस गरिमामयी समारोह में देशभर से चयनित **75 उत्कृष्ट शिक्षकों** को **”वैश्विक शिक्षक रत्न अवार्ड”** से सम्मानित किया जाएगा।
मंच के संयोजक एवं **नेपाल सरकार के प्रथम उपराष्ट्रपति माननीय न्यायमूर्ति परमानन्द झा** के विशिष्ट सलाहकार **डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा** ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य **”वसुधैव कुटुम्बकम्”, “ग्लोबल विलेज” एवं “सत्यम् शिवम् सुन्दरम्”** की भावना को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाना तथा शिक्षा के माध्यम से सामाजिक समरसता, विश्व बंधुत्व और मानवीय मूल्यों को प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने बताया कि सम्मान हेतु प्रतिभाओं का चयन उनके **शैक्षणिक परिणाम, शैक्षणिक नवाचार, विद्यार्थियों की उपलब्धियों, सामाजिक योगदान तथा उत्कृष्ट सेवा अभिलेख** के आधार पर किया जाएगा। चयन प्रक्रिया को मंच की चयन समिति के अध्यक्ष **डॉ. हुकुम चन्द्र गणेशिया**, चांसलर, **रोमा इंटरनेशनल कल्चर यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली** के निर्देशन में अंतिम रूप प्रदान किया जाएगा।
समारोह में **25 राष्ट्रों के राष्ट्रध्वजों के सान्निध्य** में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित **75 विशिष्ट शिक्षकों** का मंच के प्रेरणास्रोत अतिथियों द्वारा **”वैश्विक शिक्षक रत्न अवार्ड”** से अभिनंदन किया जाएगा। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति, समाज सेवा, न्याय, प्रशासन एवं विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित विभूतियों की उपस्थिति रहेगी। साथ ही शिक्षकों द्वारा **विचार-प्रस्तुतीकरण** भी किया जाएगा, जिसमें शिक्षा, नैतिक मूल्यों, राष्ट्रीय विकास एवं वैश्विक समरसता जैसे विषयों पर विचार साझा किए जाएंगे।
मंच के अनुसार इस आयोजन के प्रमुख उद्देश्य **भारत की शक्ति, प्रतिष्ठा एवं पंचशील के सिद्धांतों** को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करना, शिक्षा एवं संस्कृति के माध्यम से **विश्व बंधुत्व और सामाजिक समरसता** को सुदृढ़ करना तथा उत्कृष्ट शिक्षकों के योगदान को **राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित** करना है।
डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा ने देशभर के योग्य शिक्षकों एवं शिक्षाविदों से इस राष्ट्रीय आयोजन में सहभागिता करने का आह्वान करते हुए कहा कि इच्छुक प्रतिभाएँ अपना **प्रस्ताव-पत्र, नवीनतम फोटो एवं आवश्यक दस्तावेज** समय पर मंच को उपलब्ध कराएँ, ताकि चयन समिति द्वारा उनके आवेदन पर विचार कर समयानुसार आगामी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

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