देशधर्मबालोतराब्रेकिंग न्यूज़राजस्थान

चातुर्मास महापर्व का शुभारंभ, मुनि यशरत्न विजयजी महाराज साहब ने दिए आनंदमय जीवन के पाँच सूत्र

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग

 

बालोतरा। जैन धर्म के विशेष एवं आध्यात्मिक महापर्व चातुर्मास का शुभारंभ आज श्रद्धा एवं भक्ति के साथ हुआ। इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री यशरत्न विजयजी महाराज साहब ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए धर्म के विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म आराधना के लिए प्रेरित किया।

मुनिश्री ने अपने प्रवचन में सभी श्रावक-श्राविकाओं से आह्वान किया कि वे चातुर्मास के इन 120 पावन दिनों का सदुपयोग करते हुए नियमित रूप से प्रवचन श्रवण करें, धर्म आराधना एवं साधना से अपने जीवन को सार्थक बनाएं।

गुरुदेव ने जीवन में आनंद एवं संतोष प्राप्त करने के पाँच महत्वपूर्ण सूत्र बताते हुए कहा कि सर्वप्रथम व्यक्ति को वर्तमान में जीना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूतकाल की चिंताओं एवं भविष्य की कल्पनाओं में उलझने के बजाय आज के क्षण को श्रेष्ठ बनाने का प्रयास करें। जीवन में जो प्राप्त है, उसी में संतोष रखें, अनावश्यक अपेक्षाएँ न बढ़ाएँ तथा यह समझें कि संसार में जो कुछ भी घटित हो रहा है, वह पूर्वनियोजित व्यवस्था का ही एक भाग है। मनुष्य केवल एक माध्यम है, इसलिए परिस्थितियों को सहजता से स्वीकार कर प्रसन्नचित्त रहने का प्रयास करना चाहिए।

मुनिश्री ने अपने ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी उद्बोधन से उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्ममय जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान की।

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि कल प्रातः 9:00 बजे “सूत्र वैरणे” कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें सूत्र वैरणे कला, सूत्र ज्ञान पूजा एवं सूत्र की अष्टप्रकारी पूजा संपन्न होगी। इसके पश्चात प्रातः 9:30 बजे से 10:30 बजे तक नियमित प्रवचन का आयोजन तपोगृह आराधना भवन में होगा।

संघ की ओर से सभी धर्मप्रेमी महानुभावों से समय पर उपस्थित होकर परिवार सहित गुरुवाणी एवं जिनवाणी का श्रवण करने तथा चातुर्मास की आराधनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील की गई।

Santosh Kumar Garg

Beauro Chief Balotra Rajasthan

Santosh Kumar Garg

Beauro Chief Balotra Rajasthan

Related Articles

Back to top button