ब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशसतना
सेवा व विकास देख तथाकथितों की आंख की किरकिरी बने गुलाब शुक्ला

सेवा व विकास देख तथाकथितों की आंख की किरकिरी बने गुलाब शुक्ला
षड्यंत्रकारियों ने रचा षड्यंत्र, तरह-तरह का बना रहे बात का बतंगड़
विंध्य के सतना क्षेत्र में बॉटलिंग प्लांट लगाकर स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा ।
कुछ लोग समाजसेवा और विकास को भी राजनीति और दिखावे की नजर से देखने लगे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि जो व्यक्ति अपने निजी संसाधनों और समय से लगातार समाज के सुख-दुख में खड़ा रहता है, उसके कार्यों को केवल आलोचना के चश्मे से देखना उचित नहीं है।
हम बात कर रहे हैं सतना जिले के कोटर तहसील क्षेत्र के फरहद गांव में जन्मे गुलाब शुक्ला की। जो कि बाल अवस्था से ही अपने घर से पूना महाराष्ट्र की धरती में खुद की मेहनत से समाजसेवा के लिए कुछ हासिल किया और जब वह विकास व सेवा के लिए आगे आए तो उन्होंने अपने मन में यह संकल्प लिया कि अब हम क्यों न अपनी जन्मस्थली क्षेत्र के विकास में अपना खून पसीना लगाएं। ऐसे में वह बिना किसी स्वार्थ के लगातार समाज हित में कार्य किए जा रहे हैं। चाहे धार्मिक आयोजन हों, गरीब परिवारों की सहायता, बेटियों की शादी में सहयोग, मंदिरों का जीर्णोद्धार, सड़कों का निर्माण, विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण, खेल प्रतियोगिताएं, गौशाला निर्माण या जरूरतमंदों की मदद — इन सभी कार्यों में उन्होंने अपनी निजी पूंजी और मेहनत लगाई है।
यदि कोई व्यक्ति समाज के लिए आगे बढ़कर काम करता है, लोगों की समस्याओं को अपना समझकर समाधान करने का प्रयास करता है, तो उस पर कीचड़ उछालना समाज के तथाकथित लोगों की संकीर्ण सोच को दर्शाता है। हालांकि आलोचना करना आसान है, लेकिन जमीन पर उतरकर नि:स्वार्थ भाव से सेवा करना हर किसी के बस की बात नहीं होती।
विगत वर्ष से “”गुलाब शुक्ला जनसहयोग मंच”” द्वारा किए गए कार्य आज समाज के हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बने हैं। जिन गांवों में सड़क नहीं थी वहां सड़क बनी, जिन बच्चियों को सहयोग की आवश्यकता थी उन्हें मदद मिली, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज को एकता का संदेश मिला, विद्यार्थियों को शिक्षा और प्रेरणा का अवसर मिला। यह सब केवल दिखावा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण का उदाहरण है।
समाज को चाहिए कि जो लोग सकारात्मक कार्य कर रहे हैं उनका मनोबल बढ़ाए, न कि निराधार आरोप लगाकर उनके प्रयासों को कमजोर करे। सेवा का मार्ग हमेशा कठिन रहा है, लेकिन इतिहास गवाह है कि सच्चे समाजसेवियों को जनता का आशीर्वाद और समर्थन हमेशा मिलता है।
“जो समाज के लिए जीता है, वही समाज के दिलों में बसता है।”
आप सभी लोग समाज से भी गुलाब शुक्ला के द्वारा किए गए विकास कार्यों की एक समान लिस्ट देख सकते हैं जिससे पता लग जाएगा की वास्तविक रूप से गुलाब शुक्ला के द्वारा जिले भर में किस तरह से अनुकरणीय विकास और सेवा कार्य किए गए हैं जो हम सब समाज के लिए एक आईना बनकर सामने दिख रहा है।
किसी के विकास में बाधक बना व समाज सेवा में विभिन्न डालना यह आम है लेकिन विकास पुरुष के रूप में उभर कर आने वाले गुलाब शुक्ला को लेकर तथाकथित लोगों के आंखों की किरकिरी बन रहे हैं। हालांकि समाज हित के लिए नहीं है क्योंकि हर युग में विकास और सेवा कार्यों को देख विभिन्न करता पहले भी रहे हैं और आज भी उन्हीं के कुछ वंशज विघ्न कर्ता के रूप में प्रकट हो रहे हैं। ऐसी सोच रखने वालों के लिए यह भविष्य में लाभदायक नहीं बल्कि हानिकारक होगा।
षड्यंत्रकारियों ने बनाया बात का बतंगड़
बघेली में कहावत है कि झूरै बात का बतंगड़
बघेली की एक कहावत इन खड्यंत्रकारियो के रचे हुए षड्यंत्र में पूरी तरह से सटीक बैठती है।
कहते हैं कि झूरै बात का बतंगड़ यह बात बिल्कुल समाज से भी गुलाब शुक्ला के अब तक किए हुए विकास कार्यों व सेवा को देखकर तथाकथित षड्यंत्रकारयों के लिए साबित हो रही। फरहद गांव में कोई ऐसा विवाद ही नहीं हुआ पंचायत अपना कार्य कर रही है और गुलाब शुक्ला अपना कार्य करवा रहे हैं स्थानीय विधायक विक्रम सिंह के हस्तक्षेप के बाद सब जो संशय उत्पन्न किया जा रहा था वह भी समाप्त हो गया।
सोशल मीडिया में चल रहीं भ्रामक खबरें
सोशल मीडिया में कुछ तथाकथित लोगों के द्वारा भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं की गुलाब शुक्ला महाराष्ट्र के एम एल ए का अपने निजी वाहन में स्टीकर लगा कर रखे हैं। हालांकि पूरी तरह से सत्य है कि गुलाब शुक्ला महाराष्ट्र के विधायक और पूर्व मंत्री के निज सचिव के तौर मंत्रालय का कार्य करते हैं। ऐसी भ्रामक खबरें फैलाने से इन तथाकथित लोगों के लिए अभिशाप है। इनकी सच्चाई जानना है तो महाराष्ट्र में जाकर पूरी जानकारी ले लें।
हालांकि इन तथा कथित लोगों के डरावने और भ्रामक खबरें फैलाने से गुलाब शुक्ला समाज सेवा और विकास कार्य में पीछे होने वालों में से नहीं हैं।
अपनी कमाई के पैसों से जनता के लोक हित में कार्य करने से और जनता के बीच लोकप्रियता बढ़ती देखकर जलने वालों की छाती में सांप लोट रहे हैं और इतना डर बैठ गया है की कहीं गुलाब शुक्ला राजनीति में ना आ जाए हालांकि गुलाब शुक्ला ने कई इंटरव्यू में यह कहा है कि उन्हें राजनीति नहीं करना है लेकिन कहावत बनी है गाय गाय ब्याह होइएगा….!

Subscribe to my channel


