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फिल्म ‘आपां नै तो बेटी बचाणी है’ के खलनायक आशीष गौतम ‘आशु’ की टीम बनी ‘आर्टिस्ट प्रीमियर लीग’ में चैंपियन
चूरू में कलाकारों की 5 टीमों के बीच खेला गया ‘आर्टिस्ट प्रीमियर लीग’ : निर्माता निर्देशक राजेन्द्रसिंह शेखावत ने विजेता बनने पर कप्तान आशीष गौतम 'आशु' सहित टीम को बधाई दी

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
चूरू, 15 मार्च। चन्द्र फिल्म्स प्रोडक्शन के बैनर तले बनी राजस्थानी फीचर फिल्म ‘आपां नै तो बेटी बचाणी है’ के खलनायक आशीष गौतम ‘आशु’ की टीम ‘आर्टिस्ट प्रीमियर लीग’ में चैंपियन बनी है। चूरू में कलाकारों की 5 टीमों के बीच यह लीग खेला गया था। फिल्म के निर्माता निर्देशक राजेन्द्रसिंह शेखावत ने विजेता बनने पर कप्तान आशीष गौतम ‘आशु’ सहित पूरी टीम को बधाई दी है।
उल्लेखनीय है कि शहर के आसपास के कलाकारों के बीच आपसी प्रेम, अपनापन और आपसी जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से टैलेंट्स विला द्वारा आयोजित आर्टिस्ट प्रीमियर लीग (APL) क्रिकेट मैच का भावपूर्ण और सफल आयोजन किया गया। इस अनोखी लीग में कुल पाँच टीमों ने हिस्सा लिया और कलाकारों ने खेल भावना के साथ मैदान में उतरकर एक यादगार शाम बना दी। लीग में टीम 1 के कप्तान प्रदीप कथक, टीम 2 के कप्तान आशीष गौतम ‘आशु,’ टीम 3 के कप्तान संदीप जांगिड़ और टीम 4 के कप्तान मुकुल भाटी रहे।
वहीं टीम 5 में इस लीग के मुख्य आकर्षण रहे मशहूर कॉमेडियन गोगासर से गौतम ‘गोटी’ पारीक। उनकी टीम में गौतम पारीक, श्याम पांडिया, विनोद माहिल, संदीप पांडिया, और विशाल पांडिया शामिल रहे, जिन्होंने पूरे आयोजन में उत्साह और मनोरंजन का रंग भर दिया।
फाइनल मुकाबले में आशीष गौतम ‘आशु’ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदीप कथक की टीम को हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। विजेता टीम में आशीष गौतम आशु, रोहिताश, नूर, रजत, ओम और शीश राम जाखड़ शामिल रहे। वहीं प्रदीप कथक की टीम उपविजेता रही, जिसमें प्रदीप कथक, बजरंग कथक, हर्षित, आदित्य, राहुल और हिमांशु ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया।
इस लीग में हिमांशु प्रजापत को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।
इस अवसर पर टैलेंट्स विला के संरक्षक बजरंग कथक ने अपने संबोधन में कहा कि यह क्रिकेट मैच केवल एक खेल नहीं था, बल्कि कलाकारों के बीच दिलों को जोड़ने और रिश्तों को मजबूत करने का एक छोटा सा प्रयास था। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि आज की व्यस्त जिंदगी में कई साथी अपने काम और जिम्मेदारियों के कारण मंच से दूर हो जाते हैं, ऐसे में इस तरह के आयोजन उन्हें फिर से एक परिवार की तरह जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षा अधिकारी ओम फगेड़िया और सुरेश फगेड़िया उपस्थित रहे। इस दौरान ओम फगेड़िया ने कहा कि “जब दो साधारण से दिखने वाले बच्चे इस आयोजन की बात लेकर मेरे पास आए थे, अगर उस समय मैं उन्हें मना कर देता तो आज मुझे सच में बहुत अफसोस होता। आज जिस तरह यह आयोजन सफल हुआ है, वह वास्तव में सराहनीय और प्रेरणादायक है।”
वहीं लोकप्रिय संचालक मुकुल भाटी द्वारा मैदान में किया गया ऊर्जावान संचालन भी इस शाम का विशेष आकर्षण रहा। उनके संचालन ने पूरे मैदान के माहौल को जीवंत कर दिया और कार्यक्रम की गरिमा को और भी बढ़ा दिया।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि टैलेंट्स विला केवल कला का मंच नहीं, बल्कि कलाकारों को एक परिवार की तरह जोड़ने वाली एक सुंदर पहल है, जहाँ प्रतिभा के साथ-साथ रिश्तों की गर्माहट और अपनापन भी मिलता है। आपको बता दें कि आशु ने फिल्म ‘आपां नै तो बेटी बचाणी है’ में खलनायक ‘भवानी दादा’ का शानदार किरदार अदा किया है।

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