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जसोल के माजिवाला में शादी समारोह के दौरान अणुव्रत समिति ने चलाया नशा मुक्ति अभियान, लोगों को दिलाई शपथ

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
जसोल (राजस्थान), 08 मार्च 2026।
राजस्थान में चल रहे विवाह सीजन के बीच सामाजिक जागरूकता का संदेश देने की एक सराहनीय पहल सामने आई है। जसोल के निकटवर्ती ग्राम पंचायत माजिवाला में आयोजित एक विवाह समारोह के दौरान अणुव्रत समिति जसोल द्वारा नशा मुक्ति अभियान चलाया गया और लोगों को नशा नहीं करने का संकल्प दिलाया गया।
माजिवाला गांव में प्रजापत समाज के वरिष्ठ पंच व समाजसेवी भूराराम जी गोयल (77 वर्ष) की सुपौत्रियों आयुष्मति अनीता एवं आयुष्मति कान्ता का विवाह क्रमशः आयुष्मान श्रवण जी और आयुष्मान विक्रम जी के साथ 8 मार्च 2026 को सुबह 7 बजे मंगल बेला में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। विवाह के उपलक्ष्य में आयोजित आशीर्वाद एवं स्नेह मिलन समारोह में अणुव्रत समिति ने नशा मुक्ति का संदेश दिया।
समारोह में विराजित संत श्री कुशलगिरिजी महाराज (मोती मंठ, जसोल) की उपस्थिति में समाजसेवी भूराराम जी गोयल को अणुव्रत दुपट्टा और साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। भूराराम जी पिछले 25 वर्षों से बाबा रामदेव मेले के अवसर पर सिवाना फांटा पर पैदल तीर्थ यात्रियों के लिए ठहरने, भोजन, चाय-नाश्ता और निशुल्क दवाइयों की व्यवस्था करते आ रहे हैं। इस सेवा कार्य में पंच मांगीलाल जी प्रजापत का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा है।
अणुव्रत मंत्री सफरू खान ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि “नशा नाश का घर होता है”, इसलिए समाज को नशे से दूर रहना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब भी कोई बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, शराब या अन्य नशे की चीजें ऑफर करे तो साफ शब्दों में “ना सा ना” कहें।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक मदन जी प्रजापत, पूर्व प्रधान भगवत सिंह जसोल, पूर्व सरपंच ईश्वर सिंह चौहान, भाजपा नेता भवानी सिंह टापरा, इंद्राराम वकील, मेहबूब खान सिंधी, भंवरलाल बेनीवाल, रेनू सोलंकी, उमेश सोनी, राजेश सेजू, भेरुसिंह राजपुरोहित, सरपंच भीम सिंह, किशनलाल देवासी, पहाड़ सिंह कुंडल और गणपत सिंह भाटी सहित कई गांवों के समाज प्रतिनिधि और अतिथि उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों का राजस्थानी परंपरा के अनुसार चुनड़ी और साफा पहनाकर स्वागत किया गया। समारोह को पूरी तरह नशा मुक्त रखा गया तथा मेहमानों के लिए बाजोट पर कतारबद्ध बैठने की सुंदर व्यवस्था की गई। साथ ही भोजन में झूठा न छोड़ने और थाली में हाथ न धोने का भी आग्रह किया गया।
समारोह में की गई व्यवस्थाओं और सामाजिक संदेश की सभी अतिथियों ने सराहना की। आयोजन में शंकरलाल जी, राणाराम जी और महेश कुमार जी सहित परिवार के सदस्यों ने सेवाभाव से मेहमानों की देखभाल की।

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