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नशा समाज को खोखला कर रहा है:- राज्यपाल कटारिया
ट्रस्ट के सेवा कार्यों की राज्यपाल ने की सराहना

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
बालोतरा
पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक चण्डीगढ़ व जनसेवक श्री चम्पालाल बांठिया चेरिटेबल ट्रस्ट संरक्षक गुलाबचन्द कटारिया के देव दर्शन के लिए विश्व विख्यात जैन तीर्थ नाकोड़ा पहुँचने पर चेरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष व भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य गणपत बांठिया के नेतृत्व में ट्रस्ट सदस्यों ने स्वागत किया गया।
श्री चम्पालाल बांठिया चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक चण्डीगढ़ व श्री चम्पालाल बांठिया चेरिटेबल ट्रस्ट के संरक्षक गुलाबचंद कटारिया व उनकी धर्मपत्नी का ट्रस्ट अध्यक्ष गणपत बांठिया के नेतृत्व में ट्रस्ट सदस्यों द्वारा कटारिया का माला, शॉल, गुलदस्ता व श्रीफल देकर बहुमान किया गया।उन्होंने ने बताया कि पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक चण्डीगढ़ व ट्रस्ट
संरक्षक गुलाबचंद कटारिया का ट्रस्ट सदस्यों द्वारा ट्रस्ट द्वारा करवाये गए सेवा कार्यों की जानकारी देकर आगामी कार्यक्रमों के बारे में चर्चा की।इस दौरान राज्यपाल कटारिया के साथ ट्रस्ट सदस्यों ने पौधा रोपण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल कटारिया ने पौधारोपण करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पेड़-पौधे केवल हरियाली के प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन के आधार हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
राज्यपाल कटारिया ने ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। विशेष रूप से नशा मुक्ति अभियान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नशा समाज और युवा शक्ति को खोखला कर रहा है। इसे रोकने के लिए जनजागरण, पारिवारिक सहयोग और सामाजिक संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।ट्रस्ट अध्यक्ष गणपत बांठिया
द्वारा नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत नशा छोड़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निःशुल्क दवाई उपलब्ध करवाने की घोषणा का राज्यपाल ने स्वागत करते हुए इसे मानव सेवा की सच्ची मिसाल बताया।
बांठिया ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि कि पेड़-पौधे केवल हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं।आज यदि हम अपनी धरती माँ को कुछ लौटाना चाहते हैं, तो एक पेड़ जरूर लगाएं -वो भी माँ के नाम पर। यह हमारी संस्कृति, संस्कार और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।
इस दौरान भाजयुमो जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह करणोत,
,नारायण सिंह राजपुरोहित, बजरग सिंह राठौड़, अशोक डांगरा, अशोक चोपड़ा, जॉय सालेचा, अनुज मदानी, हार्दिक भंडारी, आरिन गोलेछा,प्रतीक बाठिया,ऋषभ तातेड़,युग जैन, गर्वित कुमार,ललित मेघवाल,जाय सालेचा,जिनेश चोपड़ा,अनुज मदानी, राजेश चण्डक,शुभम सहित अनेको ट्रस्ट सदस्य मौजूद रहे।

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