मेंढर के छत्राल क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से बाढ़ से होने वाले संभावित नुकसान को रोकने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने की जोरदार मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि अगस्त 2025 जैसी भारी बारिश दोबारा हुई, तो कई महत्वपूर्ण सरकारी व निजी ढांचे भारी क्षति का सामना कर सकते हैं।
🏚️ अगस्त 2025 की बाढ़ में भारी तबाही
इस वर्ष आई बाढ़ के दौरान डेरा–छत्राल ब्रिज, जो कई गांवों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है, बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके अलावा किसानों की फसलें, रास्ते और अन्य संरचनाएँ भी प्रभावित हुईं।
स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि अगर जल्द सुरक्षा कार्य शुरू नहीं किए गए तो—
HSS Chhatral
GMS Chhatral
MS Chhatral
पावर स्टेशन छत्राल
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) छत्राल
WSS Chhatral
नायब तहसील कार्यालय छत्राल
जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं भी खतरे की जद में आ सकती हैं।
🏛️ निवासियों ने डीसी पुंछ से लगाई गुहार
छत्राल के कई प्रतिनिधिमंडल पहले ही उपायुक्त पुंछ से मिलकर स्थिति की गंभीरता से अवगत करा चुके हैं। हालांकि डीसी द्वारा शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन स्थानीयों के अनुसार अभी तक जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है।
🗣️ तनवीर इक़बाल कुरैशी की सख्त अपील
सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता तनवीर इक़बाल कुरैशी ने प्रशासन से मौसम अनुकूल रहते हुए तत्काल सुरक्षा और डाइवर्जन कार्य शुरू करने की मांग की है।
उन्होंने कहा:
“यही सही समय है जब नाले के किनारों को मजबूत कर महत्वपूर्ण ढाँचों की सुरक्षा की जा सकती है। यदि इस अवसर को गंवा दिया गया, तो अगली बारिश में स्थिति और भयावह हो सकती है।”
कुरैशी ने निम्न कार्यों की तात्कालिक आवश्यकता बताई—
स्टोन क्रेट्स व मजबूत कंक्रीट/स्टोन रिटेनिंग वॉल का निर्माण
छत्राल नाला के प्रवाह को आबादी से दूर डायवर्ट करना
नाले के लिए सीधा, एकल मार्ग बनाना
छत्राल–नरोल ब्रिज से लेकर डेरा–छत्राल ब्रिज तक सुरक्षा तटबंध तैयार करना
😟 “हर मानसून डर के साये में रहता है छत्राल”
कुरैशी ने बताया कि लोग हर बरसात में डर के माहौल में जीते हैं।
“स्कूल, अस्पताल और सड़कें—इनकी सुरक्षा आज सबसे बड़ी जरूरत है।”
✋ स्थानीयों की सामूहिक अपील
निवासियों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि—
सुरक्षा कार्यों की समयबद्ध योजना और तेज निष्पादन भविष्य में बड़े नुकसान को रोकने के साथ-साथ प्रशासन पर जनता का विश्वास भी बहाल करेगा।