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सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर किया कैंडल मार्च

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के आह्वाहन पर आज स्वर्गीय बीएन सिंह जी की प्रतिमा पर कैंडल मार्च आयोजित किया गया। इस दौरान पेंशनर्स ने सरकार के उस कदम का विरोध जताया, जिसमें आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट से वह क्लॉज हटा दिया गया है, जिसके आधार पर पुराने पेंशनर्स को पेंशन पुनरीक्षण और अन्य लाभ प्राप्त होते थे।
पेंशनर्स का कहना है कि वर्तमान केंद्र सरकार पुरानी पेंशन बहाल करने में पूरी तरह से असफल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे पुरखों ने सरकारी कर्मचारियों के लिए संघर्ष करते हुए समान वेतन भत्ते और न्यूनतम वेतन 750 का लाभ दिलाया था, लेकिन आज वही सरकार उनकी पेंशन पर अड़े हुए हैं।
माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी 1982 में पेंशन को लंबित वेतन माना था, जबकि वर्तमान सरकार इसे गैर-फंडेड बता रही है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने इस दोगलापन पर भी नाराजगी जताई कि विधायकों और सांसदों को चार-चार पेंशनें मिलती हैं, लेकिन कर्मचारियों को 30-35 साल सेवा के बाद भी पेंशन नहीं दी जा रही।
उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ़ मिनिस्टीरियल सर्विस एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि वह अपने वरिष्ठ पेंशनर साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर लड़ाई में शामिल रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर सड़क पर उतरकर आर-पार की लड़ाई भी लड़ी जाएगी।
जय महासंघ!

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