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श्रीराम के राज्याभिषेक से उल्लासित हुई अयोध्या, सम्मान समारोह के साथ रामलीला को विराम

Ayodhya rejoices at the coronation of Lord Rama; Ramlila concludes with a felicitation ceremony

ब्यूरो रिपोर्ट… अनीता पाल

रुद्रपुर। नगर की प्राचीन मुख्य रामलीला में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक एवं कलाकारों, सेवादारों और सहयोगियों के सम्मान के साथ इस वर्ष की लीला को श्रद्धापूर्वक विराम दिया गया। अंतिम रात्रि विभीषण के लंका राज्याभिषेक, हनुमान-भरत मिलन तथा प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन के प्रसंगों ने दर्शकों को भक्तिभाव से भर दिया।

इससे पूर्व आज दीप प्रज्जवलन नगर के प्रख्यात समाजसेवी दिनेश खंडेलवाल नें दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

👉लीला में लंका विजय के पश्चात भगवान श्रीराम के आदेश पर लक्ष्मण ने विभीषण का विधिवत राज्याभिषेक कर उन्हें लंका का राजपाट सौंपा। इस दृश्य ने धर्म, न्याय एवं सदाचार की स्थापना का संदेश दिया। इसके बाद प्रभु के निर्देश पर हनुमान अयोध्या पहुँचे और भरत को श्रीराम, माता सीता तथा लक्ष्मण के आगमन की पूर्व सूचना दी। प्रभु के वियोग में व्याकुल भरत यह शुभ समाचार सुनकर भावविभोर हो उठे। हनुमान और भरत के स्नेहपूर्ण संवादों ने दर्शकों के हृदय को छू लिया।

👉इसके उपरांत श्रीराम के अयोध्या आगमन और भरत से मिलन का भावपूर्ण मंचन हुआ। चौदह वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त होने की प्रसन्नता मंच पर साकार हो उठी। भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का भव्य दृश्य प्रस्तुत होते ही वातावरण जय श्रीराम के जयघोष से गूँज उठा। रामराज्य की स्थापना के प्रसंग ने सत्य, मर्यादा, करुणा और लोककल्याण के आदर्शों को रेखांकित किया।

👉समापन अवसर पर श्री रामलीला कमेटी द्वारा श्री राम नाटक क्लब, श्री सनातन धर्म युवा मंच एवं सेवा टीम के सभी रामभक्त सदस्यों, कलाकारों और सहयोगियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में उनके समर्पण, परिश्रम और निस्वार्थ सेवा के योगदान को सराहा गया।

समापन समारोह में मंच पर अभिनय करने वाले कलाकारों के साथ पर्दे के पीछे व्यवस्था सँभालने वाले सहयोगियों की सेवाओं को भी सम्मान मिला। सामूहिक प्रयासों से संपन्न इस आयोजन ने धर्म-संस्कृति के प्रति आस्था और आपसी एकता का संदेश दिया। भक्तिभाव एवं उल्लास के बीच इस वर्ष की रामलीला को विराम दिया गया।

आज रामजी की भूमिका में मनोज अरोरा, लक्ष्मण की भूमिका में गौरव राज बेहड़, सीताजी की भूमिका में गौरव जग्गा, हनुमान की भूमिका में सुशील गाबा, विभीषण की भूमिका में सचिन आनन्द, गणेश भगवान की भूमिका में आशीष ग्रोवर आशू सुग्रीव की भूमिका में आयुष्मान सुशील गाबा, भरत जी- पुलकित बांबा, शत्रुघन की भूमिका में गर्वित मुंजाल, अंगद – मनकरन रंधावा, नें शानदार अभिनय कर उपस्थित जनता का मन मोह लिया। संचालन मंच सचिव विजय जग्गा एवं संदीप धीर नें किया।

श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष मनोज गाबा, महामंत्री सुशील गाबा, कोषाध्यक्ष सीए अमित गंभीर, समन्यवयक राजेश छाबड़ा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश शर्मा, उपाध्यक्ष देवी शंकर अग्रवाल, विजय अरोरा, हरीश अरोरा, महावीर आजाद, सचिव अमित अरोरा बोबी, विजय विरमानी, डायरेक्टर सुभाष खंडेलवाल, संदीप धीर, मंच सचिव विजय जग्गा, ओम प्रकाश अरोरा, राकेश सुखीजा, अशोक गुम्बर, केवल कृष्ण बत्रा, अमित चावला, आशीष मिड्ढा, जगदीश टंडन, रघुवीर अरोरा, राज घई, चन्द्र सचदेवा, बिट्टू ग्रोवर, रवि बठला श्री रामनाटक क्लब के अध्यक्ष विशाल भुड्डी, महामंत्री गौरव तनेजा, कोषाध्यक्ष सचिन, संरक्षक मोहन लाल भुड्डी, सरपरस्त हरीश सुखीजा, प्रेम खुराना, राम कृष्ण कन्नौजिया, संजीव आनन्द, गुरशरण बब्बर शरणी, निर्देशक (डायरेक्टर) आशीष ग्रोवर आशू, गौरव राज बेहड़, मनोज मुंजाल, अनिल तनेजा, सचिव राजकुमार कक्कड़ एवं रमन अरोरा, मनोज अरोरा, सुभाष तनेजा, सचिन आनन्द, नरेश छाबड़ा, पुलकित बांबा, सौरभ राज बेहड़, गौरव जग्गा, सुमित आनंद, सचिन आनंद, मोहन अरोरा, वैभव भुड्डी, रोहित खुराना, हर्ष अरोड़ा, आदि उपस्तिथ थे।

Anita Pal

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