खैरथल- तिजाराब्रेकिंग न्यूज़राजस्थान
दुसरे दिन भी जेसीबी गरजी तो सडक पर फैला सामान ओर चबूतरे हुए साफ अतिक्रमण पर चला नगर परिषद का डंडा

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा
दुसरे दिन भी जेसीबी गरजी तो सडक पर फैला सामान ओर चबूतरे हुए साफ अतिक्रमण पर चला नगर परिषद का डंडा
खैरथल में अतिक्रमण पर चला परिषद का पीला पंजा
रेलवे फाटक से मातोर रोड हनुमान चोक तक व्यापक कार्रवाई, कई दुकानदारों ने खुद हटाए टीन शेड; देर शाम तक चला अभियान
नगर परिषद की टीम ने रेलवे फाटक से किशनगढ़ रोड तक सड़क किनारे किए गए अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की !
अतिक्रमण हटाने के लिए नगर परिषद का अतिक्रमण विरोधी दस्ता, कनिष्ठ अभियंता सहित अधिकारी-कर्मचारी तथा पुलिस जाप्ता मौके पर मौजूद रहा। दोपहर में शुरू हुआ अभियान देर शाम तक जारी रहा। कार्रवाई की सूचना मिलते ही बाजार में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और पूरे अभियान को लेकर शहर में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।
पहली बार इतने व्यापक स्तर पर कार्रवाई
स्थानीय लोगों के अनुसार खैरथल के बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ इतनी व्यापक और सख्त कार्रवाई लंबे समय बाद देखने को मिली। कार्रवाई शुरू होते ही कई दुकानदारों ने अपने स्तर पर टीन शेड और अन्य अस्थायी अतिक्रमण हटाने शुरू कर दिए। परिषद की टीम ने सड़क एवं सार्वजनिक रास्तों पर आवागमन में बाधा बन रहे अतिक्रमणों को हटाया।
कार्रवाई से कई लोग खुश, कुछ दुकानदारों में नाराजगी
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से जहां आम राहगीरों और कई शहरवासियों में खुशी दिखाई दी, वहीं जिन दुकानदारों के सामने से निर्माण अथवा टीन शेड हटाए गए, उनमें मायूसी भी नजर आई। कुछ दुकानदारों ने कहा कि उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था, ताकि वे अपना सामान और अस्थायी निर्माण स्वयं हटा सकें तथा नुकसान से बच सकें।
कुछ व्यापारियों ने यह भी कहा कि उनके अनुसार उनके प्रतिष्ठान के सामने लगाए गए कुछ टीन शेड उनकी निर्धारित सीमा के भीतर थे, फिर भी उन्हें अतिक्रमण मानकर हटा दिया गया। व्यापारियों का कहना था कि कार्रवाई से पहले अतिक्रमण का स्पष्ट चिन्हीकरण किया जाता और प्रत्येक प्रतिष्ठान के सामने सीमा निर्धारित कर दी जाती तो स्थिति अधिक स्पष्ट रहती।
उपसभापति ने भी उठाए सवाल
नगर परिषद के उपसभापति सुमित रोघा ने कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल उठाते हुए पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने परिषद आयुक्त से बातचीत की थी और दुकानदारों को आगे तीन फीट तक की जगह दिए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन कार्रवाई के दौरान इस व्यवस्था की स्पष्ट रूप से पालना दिखाई नहीं दी। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को पर्याप्त समय नहीं मिलने से कई दुकानदारों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
शहर की तस्वीर बदलने की शुरुआत या नई बहस?
सभापति बनने के बाद विक्रम चौधरी की यह कार्रवाई खैरथल में उनकी पहली बड़ी प्रशासनिक पहल के रूप में देखी जा रही है। एक ओर शहर में लंबे समय से अतिक्रमण के कारण प्रभावित यातायात व्यवस्था और बाजार की स्थिति को लेकर आमजन में नाराजगी रही है, वहीं दूसरी ओर कार्रवाई के तरीके को लेकर व्यापारियों की आपत्तियां भी सामने आई हैं।

Subscribe to my channel


