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बीकानेर की सियासत में उठापटक, मेयर के बाद डिप्टी मेयर चुनाव ने बदला समीकरण

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर। नगर निगम चुनाव के बाद बीकानेर की सियासत में नए समीकरण तेजी से सामने आ रहे हैं। मेयर चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत के साथ बाजी अपने नाम की, लेकिन डिप्टी मेयर के चुनाव में पार्टी के भीतर की खींचतान और रणनीतिक मतभेदों ने राजनीतिक चर्चा को नया मोड़ दे दिया। बहुमत के बावजूद डिप्टी मेयर पद कांग्रेस के हाथ से निकलना पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
डिप्टी मेयर चुनाव ने खोली कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान
मेयर चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्षदों की एकजुटता दिखाई दी थी, लेकिन डिप्टी मेयर पद की दावेदारी को लेकर पार्टी में मतभेद खुलकर सामने आए। राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का विषय माना जा रहा है। वहीं भाजपा ने इस चुनाव में अपनी रणनीति के जरिए डिप्टी मेयर पद हासिल कर कांग्रेस को राजनीतिक चुनौती दी।
मेयर चुनाव के बाद भाजपा की रणनीति पर भी चर्चा
मेयर चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव के दौरान भाजपा की रणनीति और कांग्रेस पार्षदों को लेकर सामने आए घटनाक्रमों ने राजनीतिक माहौल को काफी गर्म रखा। कांग्रेस ने बहुमत के आधार पर मेयर पद हासिल किया। इसके बाद अब डिप्टी मेयर चुनाव में भाजपा की सफलता ने दोनों दलों के बीच राजनीतिक मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
‘पचास’ का आंकड़ा बना चर्चा का विषय
बीकानेर नगर निगम चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 50 भी राजनीतिक चर्चाओं में रहा। टिकट को लेकर विवाद से लेकर चुनावी घटनाक्रम तक इस वार्ड का नाम लगातार सुर्खियों में रहा। मेयर चुनाव के दौरान कांग्रेस के पक्ष में अपेक्षा से अधिक समर्थन जुटने के बाद ‘50’ का आंकड़ा भी राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन गया।
भाजपा की बाड़ाबंदी और वोटों के समीकरण पर सवाल
मेयर चुनाव से पहले भाजपा ने अपने पार्षदों और समर्थक निर्दलीय पार्षदों की बाड़ाबंदी की थी। इसके बावजूद मतदान में अपेक्षित संख्या नहीं मिलने के बाद भाजपा की चुनावी रणनीति और प्रबंधन को लेकर सवाल उठे। वहीं कांग्रेस को अपेक्षा से अधिक समर्थन मिलने के कारण क्रॉस-वोटिंग और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हुईं।
पंचायत चुनावों से पहले नशा तस्करी पर पुलिस की नजर
निकाय चुनाव के बाद अब आगामी पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। इसी बीच अफीम और डोडा-पोस्त की अवैध तस्करी को लेकर भी पुलिस की सक्रियता चर्चा में है। बीकानेर पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई से तस्करी से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ने की बात सामने आ रही है।
बीकानेर की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों के बीच आने वाले दिनों में कई नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल नगर निगम की राजनीति से लेकर पुलिस की कार्रवाई तक बीकानेर लगातार चर्चा में बना हुआ है।
मुकेश पूनिया
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