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मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने मनाया कक्षा 10 का उत्सव: बालोतरा ज़िले की 270 महिलाएं फिर लौटीं पढ़ाई की ओर
मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने उन महिलाओं को सीधे RSOS कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा दिलाने में मदद की, जिन्होंने वर्षों पहले स्कूल छोड़ दिया था। यह क्षेत्र के कायाकल्प के लिए बनाई गई 100 करोड़ रुपये की दस-वर्षीय योजना का हिस्सा है

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
*बालोतरा, 06 जुलाई 2026:* जिस ज़िले ने श्री मोतीलाल ओसवाल के शुरुआती वर्षों को गढ़ा, वहाँ सैकड़ों महिलाओं ने कुछ असाधारण कर दिखाया है, शादी, काम या हालात ने बरसों पहले जिनके स्कूल के दरवाज़े बंद कर दिए थे, उन्होंने अब अपनी कक्षा 10 उत्तीर्ण कर ली है। मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन और एजुकेट गर्ल्स ने आज बालोतरा ज़िले, राजस्थान की उन महिलाओं की यात्रा का उत्सव मनाया, जो फिर से पढ़ाई की ओर लौटीं और राजस्थान राज्य मुक्त विद्यालय (RSOS) की कक्षा 10 की परीक्षा में शामिल हुईं। यह फाउंडेशन की उस योजना का पहला वर्ष है, जिसके तहत वह क्षेत्र में दस वर्षों में लगभग 100 करोड़ रुपये निवेश करेगा।
पहले ही वर्ष में नामांकित लगभग 300 महिलाओं में से 270 ने, करीब 500 घंटे के कक्षा प्रशिक्षण के बाद, परीक्षा दी, यानी 90 प्रतिशत उपस्थिति। 109 ने पहले ही प्रयास में सभी विषय उत्तीर्ण किए, 25 ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक पाए, जिनमें सर्वाधिक अंक 71 प्रतिशत रहे, और 161 ने एक विषय को छोड़कर बाकी सभी पेपर उत्तीर्ण कर लिए तथा वे 6 माह बाद फिर परीक्षा देंगी।
बालोतरा में आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि ज़िला कलेक्टर श्री सुशील कुमार यादव, विशिष्ट अतिथि तथा श्री मोतीलाल ओसवाल, ट्रस्टी, मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन उपस्थित रहे।
*इस अवसर पर श्री मोतीलाल ओसवाल, ट्रस्टी, मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने कहा,* “हम हमेशा से ‘सीखो, कमाओ और लौटाओ’ में विश्वास रखते आए हैं। इस धरती से मेरा नाता, जिसने मुझे मेरी शुरुआत और शुरुआती संस्कार दिए, इसे एक पूरा चक्र पूरा होने जैसा बना देता है। जिस भी महिला ने फिर से कक्षा में लौटने का चुनाव किया है, उसने असाधारण दृढ़ता और साहस दिखाया है, और जब वे आत्मविश्वास बढ़ा रही हैं और नए अवसरों के द्वार खोल रही हैं, हमें उनके साथ खड़े होने पर गर्व है।”
बालोतरा ने श्री ओसवाल के शुरुआती वर्षों को गढ़ा; उनका जन्मस्थान पादरु इसी ज़िले की सिवाना तहसील में है। आने वाले पाँच वर्षों में फाउंडेशन की ग्रामीण शिक्षा एवं आजीविका पहल का लक्ष्य 1 लाख से अधिक बच्चों, 5,000 युवाओं और 25,000 किसानों को लाभ पहुँचाना, तथा लगभग 400 स्थानीय रोज़गार सृजित करना है।
महिलाओं की कक्षा 10 की यह उपलब्धि बालोतरा और बाड़मेर में चल रहे एक बड़े प्रयास का सिर्फ़ एक सिरा है। अपने पहले वर्ष में इस कार्यक्रम ने 3,500 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों के ज़रिए 42,000 से अधिक बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मज़बूत किया, कक्षा 10 (RSOS) प्रमाणन के लिए 4,000 से अधिक स्कूल से वंचित बच्चियों और 1,000 से अधिक महिलाओं की पहचान हेतु 383 गाँवों का सर्वेक्षण किया, 21 सरकारी स्कूलों में डिजिटल कक्षाएं पहुँचाईं, और अपने पहले 150 से अधिक युवाओं को रोज़गार से जुड़े कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा, जिसके बाद उन्हें नौकरियों में रखा जाना भी शुरू हो गया है।
दीर्घकाल के लिए फाउंडेशन ने बालोतरा में 87 बीघा ज़मीन लेकर एक प्रमुख संस्थान, अंसीदेवी गोपीलाल ओसवाल कौशल एवं कृषि विकास संस्थान (AGOKEKVS), स्थापित करने का बीड़ा उठाया है, जो ग्रामीण कौशल, उद्यमिता और कृषि नवाचार का केंद्र होगा और अपने पहले तीन वर्षों में 2,000 से अधिक युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने वाले कौशल सिखाने का लक्ष्य रखता है।
*एजुकेट गर्ल्स की संस्थापक सफीना हुसैन ने कहा,* “कई महिलाओं के लिए शिक्षा की ओर दोबारा लौटना उन सपनों को फिर से जीने का अवसर है, जिन्हें कभी परिस्थितियों के कारण बीच में छोड़ना पड़ा था। साथ ही, यह उनके और उनके परिवारों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोलता है। इन 270 महिलाओं का स्नातक होना इस बात का सशक्त प्रमाण है कि सीखने के लिए कभी देर नहीं होती। जब महिलाओं को शिक्षा का दूसरा अवसर मिलता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव केवल उनके जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचता है। हमें उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और उपलब्धि पर गर्व है तथा हम मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के आभारी हैं, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल को संभव बनाने में हमारा साथ दिया।”

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