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सेवा, सुशासन एवं समर्पण पखवाड़ा के अंतर्गत बहुउद्देशीय चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन

 

हरिद्वार, 04 जुलाई।

कार्यालय जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, हरिद्वार के निर्देशानुसार सेवा, सुशासन एवं समर्पण कार्यक्रम (सेवा पखवाड़ा) के अंतर्गत आज ऋषिकुल आयुर्वेदिक महाविद्यालय परिसर स्थित ऑडिटोरियम में एक बहुउद्देशीय आयुष चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ प्रातः 09:00 बजे हुआ, जिसमें आयुष पद्धति के माध्यम से रोगियों का परीक्षण, परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया।

इस चिकित्सा शिविर में कुल 124 मरीजों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार का लाभ प्राप्त किया। शिविर में विभिन्न रोगों जैसे जोड़ों के दर्द, वात रोग, पाचन संबंधी विकार, त्वचा रोग, मधुमेह एवं जीवनशैली जनित समस्याओं के लिए विशेषज्ञ परामर्श एवं निःशुल्क औषधि वितरण किया गया। साथ ही रोग निवारण एवं स्वास्थ्य संरक्षण हेतु जागरूकता परामर्श भी प्रदान किया गया।

शिविर में डॉ. सोरमी सोनकर एवं डॉ. संजय कुमार द्वारा मरीजों का परीक्षण एवं चिकित्सा परामर्श दिया गया। औषधि वितरण की जिम्मेदारी श्री नवीन चंद्र थपलियाल एवं श्रीमती सुप्रिया द्वारा निभाई गई, जबकि शिविर व्यवस्था में श्री टेकचंद एवं पंचकर्म सहायक श्री नंदलाल का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड सरकार के माननीय आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने आयुष विभाग द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य स्टॉल का अवलोकन किया तथा विभागीय गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी एवं आयुष मिशन विशेषज्ञ डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय ने मंत्री महोदय को जनपद हरिद्वार में संचालित आयुष विभाग की विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, जनजागरूकता अभियानों एवं योग-प्राकृतिक चिकित्सा कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।

डॉ. सोरमी सोनकर ने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य संवर्धन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि शिविर में आए अधिकांश मरीजों को जीवनशैली जनित रोगों, जोड़ों के दर्द एवं पाचन संबंधी समस्याओं के लिए परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया।

डॉ. संजय कुमार ने कहा कि ऐसे चिकित्सा शिविर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के आमजन को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के माध्यम से रोगों के मूल कारणों का उपचार कर स्थायी स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा सकता है तथा जनजागरूकता से रोगों की रोकथाम भी संभव है।

इस अवसर पर अपर जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, हरिद्वार डॉ. अतुल सिंह नेगी ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत इस प्रकार के चिकित्सा शिविरों का उद्देश्य आमजन तक सुलभ, प्रभावी एवं निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि आयुष विभाग जनस्वास्थ्य संवर्धन एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए निरंतर कार्यरत है।

शिविर में आए सभी मरीजों ने चिकित्सा व्यवस्था एवं उपचार से संतोष व्यक्त किया। यह आयोजन सेवा, सुशासन एवं समर्पण की भावना को जनसेवा के माध्यम से मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सफल प्रयास सिद्ध हुआ।

Viyasmani Tripaathi

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