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सौंदर्य संबंधी प्रमुख समस्याओं का सरल समाधान – डॉ अर्चना दुबे

वेदान्त सिंह की रिपोर्ट
सुंदर दिखने की चाह सबमें पायी जाती है, विशेषकर मनुष्य में जो एक बुद्धिजीवी प्राणी है, सुंदर देखने व सुंदर दिखने की चाह क्यों न हो। यद्यपि प्राकृतिक रूप से सब सुंदर होते हैं। इस बात का सबसे बेहतर प्रमाण है एक शिशु, जो इस दुनिया के दुष्प्रभाव से पूरी तरह सुरक्षित होता है। शिशु का सौंदर्य आकर्षण सहज ही सबको आनंदित करने वाला है। लेकिन यही शिशु जब किशोर, युवक, प्रौढ़ व वृद्ध होने लगता है, तो सुंदरता क्रमशः मुख मोड़ने लगती है, क्योंकि वायुमंडल का दुष्प्रभाव, आहार-विहार का विषैला प्रभाव, अनुचित या अनियमित दिनचर्या, मानसिक तनाव, राग-द्वेष आदि अनेक शारीरिक और मानसिक विकार उत्पन्न करते हैं, जिनसे चेहरे का निखार, त्वचा की कोमलता नष्ट होने लगती है तथा असमय में ही बाल सफेद होने लगते हैं।
सौंदर्य आकर्षण से संबंधित इन समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए विभिन्न लुभावने विज्ञापनों से प्रभावित होकर नाना प्रकार की सौंदर्य प्रसाधन सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है, जिनमें से अधिकांश प्रभावहीन या दुष्प्रभावपूर्ण होती हैं। इनमें से कुछ तो ऐसी भी होती हैं, जो प्रयोग करते ही अगले दिन त्वचा रोग विशेषज्ञ या एलर्जी रोग विशेषज्ञ तक पहुंचा देती हैं।
आए दिन इस महिलाएं प्रकार की शिकायत लेकर चिकित्सक के पास पहुंचती हैं कि अमुक तेल लगाने से बाल और अधिक झड़ने लगे हैं या फिर चेहरे के दाग मिटाने के लिए अमुक क्रीम का प्रयोग करने से दाग तो मिटे नहीं, ऊपर से दाने (फुंसिया) निकल आए हैं।
इस प्रकार की समस्याओं का कारण यह है कि हम बाजार में उपलब्ध जो भी सौंदर्य प्रसाधन प्रयोग में लाते हैं, उनमें से 80 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनमें किसी-न-किसी रसायन या रसायनों का प्रयोग किया जाता है। यह रसायन प्रयोग सबके लिए अनुकूल हो, यह आवश्यक नहीं। यही कारण है कि इस प्रकार के सौंदर्य प्रसाधनों के प्रयोग से सौंदर्य संबंधी समस्याएं और अधिक जटिल हो जाती हैं। इस प्रकार उपभोक्ता धन और रहा-सहा सौंदर्य भी खो बैठते हैं।
इसलिए प्राकृतिक उत्पादों का घरेलू प्रयोग अपनाने से न सिर्फ सौंदर्य संबंधी समस्याओं से निजात मिलती है, बल्कि सौंदर्य-आकर्षण में भी बढ़ोतरी होती है।
*सौंदर्य समस्याओं का प्रभावी घरेलू उपचार*
समुद्रझाग के चूर्ण को नीबू के रस में मिलाकर प्रतिदिन रात में चेहरे पर लेप करकें सुबह में धोने से मुंहासों की समस्या में पूरा लाभ मिलता है।
• सेमल के कांटे को कच्चे दूध में पीसकर लेप करने से भी मुंहासों से मुक्ति मिल जाती है। इस प्रयोग से चेहरे के चेचक के दाग भी मिट जाते हैं।
2 से 3 ग्राम हल्दी का चूर्ण दूध में मिलाकर प्रतिदिन सेवन कराने से मुंहासों की समस्या में लाभ मिलता है और चेहरा निखर उठता है।
जायफल को कच्चे दूध में घिसकर प्रतिदिन रात में लेप करने से मुंहासे मिट जाते हैं और चेहरा दमक उठता है।
त्वचा फटने की समस्या में दूध के साथ सिद्ध किया हुआ गिलोय का तेल लगाकर प्रतिदिन दो-तीन बार मालिश करें।
हाथ-पैरों की त्वचा फटने पर सहोरा (सिहोरा) का दूध लगाएं।
गिलोय का स्वरस 15 से 20 मि.ली. की मात्रा में कड़वी नीम के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन कराने से त्वचा के दाग धीरे-धीरे मिट जाते हैं।
टमाटर, खीरा और गाजर का रस बराबर मात्रा में मिलाकर प्रतिदिन चेहरे पर मलने से मात्र 15 दिनों में चेहरा साफ, सुंदर, आकर्षक हो जाता है।
नीबू का रस, संतरे का रस और कच्चा दूध बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे, गरदन आदि पर मलने से 2-3 सप्ताह में ही ये भाग सुंदर, आकर्षक हो जाते हैं।
अमलतास के पत्तों को पीसकर चेहरे पर प्रतिदिन रात में लेप करके सुबह में धो लेने से काले दाग मिट जाते हैं।
गांजा पीसकर प्रतिदिन सिर पर लेप करके 1 घंटा बाद धो लेने से सिर की रूसी दूर हो जाती है।
शिकाकाई के फलों के क्वाथ से कुछ दिनों तक नियमित रूप से बाल धोने से रूसी नष्ट हो जाती है।
आजकल समय से पूर्व ही बाल सफेद होने लगते हैं। ऐसी दशा में नीला चीता (नीला चित्रक) के मूल का चूर्ण 2-2 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सेवन कराने से बाल जड़ से काले हो जाते हैं।
भंगरैया के पंचांग से सिद्ध तेल का नस्य लेते रहने से असमय में बाल सफेद होना रुक जाता है।
*डॉ अर्चना दुबे*, अध्यक्ष
अखंड एक्यूप्रेशर रिसर्च ट्रेंनिंग एंड ट्रीटमेंट इंस्टीट्यूट, प्रयागराज
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मेरे चैनल है-
*अर्चना दुबे एक्यूप्रेशर*
*अर्चना दुबे हेल्थ लैब*

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