उत्तरायणी महोत्सव में चंदोला मेडिकल कॉलेज ने पेश की सेवा और संवेदना की अनुपम मिसाल,निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर के साथ ₹51,000 का आर्थिक सहयोग, आयोजकों ने डॉ. के.सी. चंदौला को किया सम्मानित
At the Uttarayani festival, Chandola Medical College set a remarkable example of service and compassion, providing a free health camp along with a financial contribution of ₹51,000. The organizers honored Dr. K.C. Chandola for his efforts.

ब्यूरो रिपोर्ट… अनीता पाल
रूद्रपुर…उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपरा और सामाजिक चेतना का प्रतीक उत्तरायणी पर्व इस वर्ष रूद्रपुर में केवल सांस्कृतिक उल्लास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मानव सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत मंच बनकर सामने आया। शैल सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में गंगापुर रोड स्थित शैल भवन में आयोजित दो दिवसीय उत्तरायणी महोत्सव में चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं वसुंधरा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज ने ‘नर सेवा नारायण सेवा’ के आदर्श को व्यवहार में उतारते हुए समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

महोत्सव के दौरान चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की ओर से न केवल दो दिवसीय विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, बल्कि आयोजन समिति को ₹51,000 का आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया, जिससे कार्यक्रम के सामाजिक उद्देश्य और अधिक सशक्त हो सके। इस सहयोग को आयोजकों ने समाज के प्रति संस्थान की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का प्रतीक बताया।
500 से अधिक लोगों ने उठाया निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
कॉलेज के प्रबंध निदेशक (एमडी) डॉ. के.सी. चंदौला के मार्गदर्शन में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में क्षेत्र के 500 से अधिक नागरिकों ने पंजीकरण कराकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया। शिविर में खून की जांच, ब्लड प्रेशर, शुगर, सामान्य एवं गंभीर रोगों की जांच के साथ-साथ आधुनिक फिजियोथैरेपी की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। जांच के उपरांत जरूरतमंद मरीजों को कॉलेज की ओर से निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र से आए लोगों ने शिविर की व्यवस्थाओं, चिकित्सकों के व्यवहार और निःशुल्क सुविधाओं की मुक्त कंठ से सराहना की। कई वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें समय पर बीमारी की पहचान और उचित परामर्श मिल पाता है, जो सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं हो पाता।
मंच से डॉ. के.सी. चंदौला का सम्मान
महोत्सव के समापन अवसर पर शैल सांस्कृतिक समिति के पदाधिकारियों ने मंच से डॉ. के.सी. चंदौला के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जब शिक्षा संस्थान केवल डिग्री देने तक सीमित न रहकर समाज की पीड़ा को समझें, तब वे सच्चे अर्थों में राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनते हैं।
इस अवसर पर डॉ. चंदौला ने कहा कि उत्तरायणी जैसा पावन पर्व हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ सेवा भाव को जीवन का अंग बनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
उन्होंने कहा, “नर सेवा ही नारायण सेवा है। जब हम पीड़ित मानव की सेवा करते हैं, तभी ईश्वर की सच्ची आराधना होती है।”
डॉ. चंदौला ने भविष्य में भी इस प्रकार के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, जनजागरूकता कार्यक्रम और सामाजिक सहयोग निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।
चिकित्सकों और स्टाफ का सराहनीय योगदान
स्वास्थ्य सेवा के इस पुनीत कार्य में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय विश्वकर्मा, सागर तिवारी, डॉ. देवेन्द्र कुमार, डॉ. रश्मि नेगी, डॉ. आलिया सिद्दीकी, डॉ. मनीषा बैरागी, डॉ. नरेन्द्र कोहली, डॉ. गजेंद्र सिंह राणा, डॉ. रोहन सिराडी, डॉ. नितिश सागर, डॉ. महिमा चौधरी, डॉ. सीमा गंगवार, डॉ. शिवानी बाजपेई, डॉ. रितिका सक्सेना, डॉ. दिव्या सैनी, शिफा, आयशा कोली और अजय ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए मरीजों की सेवा की।
टीम भावना और समर्पण के साथ चिकित्सकों ने यह सिद्ध किया कि चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।
सांस्कृतिक मंच पर सेवा का संदेश
उत्तरायणी महोत्सव के दौरान लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों के बीच स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक चेतना का यह संगम उपस्थित जनसमूह के लिए प्रेरणास्रोत बना। आयोजकों ने कहा कि उत्तरायणी केवल पर्वतीय समाज का उत्सव नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना, स्मृति और उत्तरदायित्व का पर्व है।
समाज के लिए जीने वाले लोग बने प्रेरणा
कार्यक्रम में शैल सांस्कृतिक समिति से जुड़े वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से पूर्व कुलपति पंतनगर विश्वविद्यालयडी.एस. बिष्ट, पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष कमलेंद्र सेमवाल, पूर्व राज्य मंत्री सुरेश परिहार, मुख्य संरक्षक शैल परिषद भरत लाल शाह, अध्यक्ष शैल परिषद गोपाल सिंह पटवाल, हेमंत बिष्ट, महासचिव एडवोकेट दिवाकर पांडे, अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद अवतार सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष सतीश ध्यानी, मोहन उपाध्याय, कोषाध्यक्ष डी.के. दनाई, पी.सी. शर्मा, राजेंद्र बोहरा, दिनेश बम, भास्कर जोशी, जगदीश बिष्ट, दिनेश भट्ट, दान सिंह मेहरा, मुकुल उप्रेती, पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एल.एम. उप्रेती,सतीश लोहनी, अवतार सिंह बिष्ट, डॉ. नंदाबल्लभ पाठक, लीलाम्बर जोशी, विजय भूषण गर्ग, पूरन चंद्र जोशी, संजीव बुधौरी, हरीश दनाई, नरेंद्र रावत, सी.बी. घिंडियाल, एल.डी. जोशी, राजेंद्र बलौदी, प्रकाश जोशी, महेश कांडपाल, डी.एस. मेहरा, त्रिभुवन जोशी, हरीश मिश्रा, के.के. मिश्रा, दयाकिसन बुढ़लाकोटी, त्रिलोचन पनेरू, डी.डी. गुणवन्त, धीरज पांडे और भारत जोशी उपस्थित रहे।
संस्कृति के साथ सेवा का संदेश
महोत्सव में यह संदेश बार-बार उभरकर सामने आया कि जब संस्कृति, सेवा और संवेदना एक साथ चलती हैं, तभी समाज सशक्त बनता है। आयोजकों ने कहा कि चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज द्वारा दिया गया ₹51,000 का आर्थिक सहयोग और निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।
उत्तरायणी महोत्सव–2026 रूद्रपुर में लोकसंस्कृति का उत्सव होने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों का मजबूत मंच बनकर सामने आया। चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं वसुंधरा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज द्वारा प्रस्तुत यह सेवा भाव बताता है कि जब शिक्षा संस्थान समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं, तब पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि परिवर्तन का माध्यम बन जाते हैं।
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