
ब्यूरो चीफ संतोष कुमार गर्ग बालोतरा राजस्थान
जसोल :- कस्बे के पुराणा ओसवाल भवन में बुधवार को तेरापन्थ धर्मसंघ के 11 वें आचार्य श्री महाश्रमण जी का 50 वाँ दीक्षा दिवस मनाया गया !
महिला मंडल द्वारा महाश्रमण अष्टकम की प्रस्तुति व सयंम मय जीवन हो गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
सिवांची मालाणी तेरापन्थ संस्थान अध्यक्ष डूंगरचन्द सालेचा ने कहा कि आचार्य श्री महाश्रमण में विलक्षण प्रतिभा हैं। वे तेरापन्थ की आचार्य परंपरा के ग्यारवें आचार्य बने। वे महान दार्शनिक हैं। वे कुशल प्रशासक के रूप में तेरापन्थ धर्म संघ को संभाल रहे हैं। उनकी अनुशासन में सभी साधु – साध्वियां अपने आध्यात्मिक पथ की ओर आगे बढ़ रहे हैं। सालेचा ने आगे कहा कि उनका पूरा जीवन तप, आध्यत्म के रंग में रंगा हुआ हैं। तेरापन्थ सभा के नव निर्वाचित अध्यक्ष भूपतराज कोठारी ने आचार्य महाश्रमण जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला।
तेरापंथ सभा के निवर्तमान अध्यक्ष ऊषभराज तातेड़, अणुव्रत समिति अध्यक्ष पारसमल गोलेच्छा, माणकचन्द संकलेचा, संपतराज चौपड़ा, कवि अशोक प्रदीप, कान्तिलाल ढ़ेलडिया, उपासक पवन छाजेड़, प्रवीण भंसाली, चंदादेवी चौपड़ा, उपासिका मोहिनीदेवी संकलेचा, पुष्पादेवी बुरड़, जाग्रति ढ़ेलडिया सहित प्रबुद्ध वक्ताओं ने विचार व्यक्त किये। प्रशिसिका अभयमती डोसी के नेतृत्व में ज्ञानशाला बालक – बालिकाओं द्वारा सुंदर नाटक की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का सफल संचालन कान्तिलाल ढ़ेलडिया ने किया।
तेरापन्थ सभा, अणुव्रत समिति, तेरापन्थ महिला मंडल, तेरापन्थ युवक परिषद, किशोर मंडल, कन्या मंडल, ज्ञानशाला परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाएं उपस्तिथ थे।

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