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जिन्दा व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर खुल्ला घूम रहा सचिव शेलेन्द्र मणि तिवारी लालगंज पुलिस बजा रही ताली 

संवाददाता सचिन कुमार कसौधन बस्ती

 

 _बड़ी मुश्किल से 82 की कार्यवाही के दायरे में आए दीपक पाण्डेय , शैलेन्द्र मणि तिवारी के नाम पर पुलिस को सूँघ जाता है सांप_

 _जेल व बेल दोनो साथ लेकर चलती है लालगंज पुलिस , दोनों का निर्धारित है अलग- अलग रेट_

 _विवेचना व जाँच के बहाने लालगंज पुलिस ने दिया अपराधी सचिव को खुली छूट_

 _धोखाधड़ी में आरोपी सचिव की गिरफ्तारी बस्ती पुलिस के लिए बनी चुनौती_

 _विवेचक/ उपनिरीक्षक रामभवन प्रजापति की भाषा दे रही किसी बड़े खेल का संकेत_

          बस्ती संवाददाता – अपने कारनामों को लेकर चर्चित लालगंज पुलिस नित नयी – नयी सुर्खियां बटोर रही है । जहाँ निरीह व्यक्ति 151 जैसी मामूली धाराओं में जेल में ठूँस दिए जाते हैं तो वहीं बस्ती जनपद की लालगंज पुलिस की मिलीभगत से धोखाधड़ी जैसी संगीन धाराओं के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं व बस्ती पुलिस की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करने में जरा सा भी कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं ।

            जनपद के लालगंज थाने के अन्तर्गत स्थित जगन्नाथपुर निवासी शिवशंकर पाण्डेय पुत्र पुरुषोत्तम पाण्डेय ने सचिव शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी के साथ मिलीभगत करके अपने आप को मृतक दिखाकर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवा लिया और जटाशंकर नाम से मतदाता पहचान पत्र व अन्य जरूरी कागजात कूटरचित तरीके से बनवाकर मौके के सचिव अजीत सिंह से दुरभि संधि करके अलग एकाकी परिवार के रूप में परिवार रजिस्टर में अपना नाम अंकित करवा लिया । शिवशंकर पाण्डेय पुत्र पुरुषोत्तम पाण्डेय से जटाशंकर पुत्र देवी सरन तिवारी बनने की सूचना जब देवी सरन के पौत्र लक्ष्मेश्वर पाण्डेय पुत्र स्व० राम नरायन पाण्डेय को हुई तो उनके पैरों तलों की जमीन खिसक सी गयी । यहीं से शुरू हो जाता है शिकायतों का दौर । दिनांक 10 फरवरी 2024 को लक्ष्मेश्वर पाण्डेय पुत्र स्व० राम नरायन पाण्डेय पुत्र देवी सरन निवासी जगन्नाथपुर ने लालगंज थाने में तहरीर देकर शिवशंकर पाण्डेय पुत्र पुरुषोत्तम पाण्डेय , दीपक पाण्डेय पुत्र शिवशंकर पाण्डेय , शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी ( तत्कालीन सचिव ) व अजीत सिंह ( तत्कालीन सचिव ) के विरुद्ध अपराध संख्या 0021/2024 धारा अंतर्गत 419 , 420 , 467 , 468 , 471 , 506 व 120B मुकदमा पंजीकृत हुआ जिसमें से आरोपी शैलेन्द्रमणि त्रिपाठी ( सचिव ) जिन्दा व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाला अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है । पूरे प्रकरण में लालगंज पुलिस की भूमिका भी बहुत साफ – सुथरी नहीं लग रही है क्योंकि विवेचक उपनिरीक्षक राम भवन प्रजापति की भाषा ही दाल में कुछ काला होने का स्पष्ट संकेत दे रही है । लालगंज पुलिस विवेचना के बहाने कुछ बड़ा खेला करने की फिराक में लगी हुई है ।

Sachin Kumar Kasudhan

Beauro Chief (Basti)

Sachin Kumar Kasudhan

Beauro Chief (Basti)

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