
ब्यूरो चीफ डॉ. राम दयाल भाटी बीकानेर
मरू क्षेत्रीय परिसर, केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान बीकानेर का 51 वां स्थापना दिवस हर्ष और उल्लास के साथ आज मनाया गया। इस अवसर पर एक किसान वैज्ञानिक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसमें 75 किसानों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया तथा संस्थान द्वारा विकसित तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। डॉ अरुण कुमार तोमर, निदेशक, केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान द्वारा पिछले 51 वर्षों में हुए विकास के बारे में अवगत कराते हुए किसानों को भेड़पालन की वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने पर ज़ोर दिया। विशिष्ट अतिथि, डॉ जगदीश राणे, निदेशक, केंद्रीय शुष्क बागवानी बीकानेर तथा डॉ ए साहू, निदेशक, राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र, बीकानेर ने भी किसानों को संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ ए के गहलोत, पूर्व कुलपति राजूवास, बीकानेर ने भी किसानों को संबोधित किया। उप महानिदेशक आईसीएआर, डॉ राघवेंद्र भट्टा तथा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ एस पी किमोठी, सदस्य, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, नई दिल्ली की उपस्थिति में चोकला सेक्टर पर चारागाह भंडार तथा मारवाड़ी सेक्टर पर भेड़ों के लिए आइसोलेशन सेड़ एवं डिस्पेंसरी का उद्घाटन भी किया गया। इस अवसर पर किसानों के लिए हिंदी भाषा में लिखे हुए शोध के नतीजे पर एक्सटेंशन फोल्डर भी विमोचित किए गए ताकि किसानों को उनकी सरल भाषा में अधिक से अधिक भेड़पालन तकनीकियों का विस्तार हो सके। इस अवसर पर राजस्थान से आए प्रगतिशील किसानों को भी सम्मानित किया गया। डॉ राघवेंद्र भट्टा ने अविकानगर द्वारा विकसित 2 से अधिक बच्चे देने वाली भेड़ की नस्ल अविशान को भारत की शान बनाने पर जोर देते हुए इसे पूरे भारत में वितरित करने का सुझाव दिया। डॉ एस पी किमोठी ने कैंपस के स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए अधिक से अधिक विकसित तकनीकों को किसानों तक पहुंचने पर जोर दिया। श्री इंद्र कुमार भूषण, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, केंद्रीय भेड़ एवं अनुसंधान संस्थान, अविकानगर ने मंच का संचालन किया तथा केंद्र के अध्यक्ष डा आर ए लेघा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।

Subscribe to my channel


